नई दिल्लीः पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा 'फोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी' (Four Stars of Destiny) को लेकर पूरे देश में हलचल मच गई है। पिछले सप्ताह इस किताब के कुछ अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते थे विपक्ष के नेता राहुल गांधी लेकिन भारी आपत्ति जताई गई।
इसी बीच इंटरनेट पर किताब की डिजिटल कॉपी या PDF फ़ाइल लीक हो गई है और तुरंत ही दिल्ली पुलिस ने कड़ा कदम उठाया। सोमवार को पुलिस के स्पेशल सेल ने इस मामले में FIR दर्ज की। इस PDF फ़ाइल के लीक होने के पीछे कौन लोग हैं, इसे खोजने के लिए फिलहाल दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पिछले सप्ताह लोकसभा में पहले राहुल गांधी ने एक अखबार में प्रकाशित इस किताब के कुछ हिस्से पढ़ना चाहा था। उन्होंने दावा किया था कि गलवान संघर्ष और रक्षा संबंधी मुद्दों पर मोदी सरकार की असुविधाजनक सच्चाई इस किताब में है। हालांकि, रक्षा मंत्री रतन सिंह ने दावा किया था कि किताब छपाई नहीं गई है। क्योंकि इसे रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली।
हालांकि अगले ही दिन संसद में यह किताब लाकर राहुल गांधी ने बताया था कि भारत में बिक न पाने पर भी यह अन्य देशों में मुद्रित संस्करण में उपलब्ध है, 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी'। इस स्थिति में यह सवाल पुलिस ढूँढ रही है कि किताब की पीडीएफ फ़ाइल ऑनलाइन कैसे घूम रही है।
लेकिन यह सब तो कानून का मामला है। इसके अलावा, जनता के बीच भी धीरे-धीरे इस किताब को लेकर कई सवाल बन रहे हैं। लोकसभा के अंदर जिस तरह ट्रेजरी बेंच से राजनाथ सिंह, अमित शाह जैसे वरिष्ठ मंत्री किताब पढ़ने से राहुल गांधी को रोकने के लिए आगे आए, प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में भाषण देने से परहेज़ किया और इसके पीडीएफ फाइल फ़ैलते ही दिल्ली पुलिस ने पकड़ के लिए पूरी कोशिश शुरू कर दी, उसमें नेटदुनिया यह मान रहा है कि मोदी सरकार इस किताब से डर रही है। इससे किताब को लेकर आम लोगों की रुचि और बढ़ गई है। हर कोई जानना चाहता है, किताब में क्या है ? गृह मंत्रालय इस किताब को क्यों मंजूरी नहीं दे रहा है ? किताब भारत के पूर्व सेना प्रमुख ने लिखी है। तो क्या सरकार मानती है कि उन्होंने झूठ लिखा है ? सब मिलकर जनरल नरावणे की अप्रकाशित यादें दिल्ली की कुर्सी हिला गई हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में आने से डरे हुए हैं क्योंकि वह उस सच्चाई का सामना नहीं कर सकते जिसे वह (राहुल) पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की पुस्तक के एक अंश को उद्धृत करते हुए सामने रखना चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के साथ सदन में किसी विपक्षी सदस्य द्वारा ''हमला करने'' का कोई सवाल ही नहीं उठता तथा अगर किसी ने कोई ऐसी हरकत करने को कहा भी हो तो प्राथमिकी दर्ज करके उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए।