नई दिल्ली : सरकार ने लोकसभा को बताया कि देश के हवाई अड्डों पर पक्षियों के विमान से टकराने की घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2024 में यह संख्या 1 हजार 278 थी, 2025 में संख्या बढ़ कर 1 हजार 782 तक हो गई है।
कभी-कभी इन पक्षियों के विमान से टकराने की घटनाओं के कारण विमान को गंभीर नुकसान भी होता है। सिविल एविएशन के महानिदेशालय ने लाइसेंस प्राप्त हवाई अड्डों पर संभावित वन्यजीव खतरे के प्रबंधन के लिए नियम और दिशा-निर्देश बनाए हैं।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच वर्षों में देश के हवाई अड्डों पर कुल 6 हजार 337 पक्षियों से टकराने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। यह जानकारी नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लिखित उत्तर में दी।
पिछले पांच वर्षों में घटनाओं की संख्या इस प्रकार रही। 2021 में 775, 2022 में 1 हजार 131, 2023 में 1 हजार 371, 2024 में 1 हजार 278 और 2025 में 1 हजार 782।
हवाई अड्डों के संचालकों ने वाइल्डलाइफ हैजार्ड मैनेजमेंट प्लान विकसित किया है और पक्षियों के टकराने की मुख्य वजहों की पहचान के लिए प्रक्रियाएं बनाई हैं।
इसके अलावा एयरफील्ड एनवायरनमेंट मैनेजमेंट कमेटियां हवाई अड्डों पर गठित की गई हैं, जो वन्यजीव खतरे के स्रोतों की पहचान करती हैं और इसे नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाती हैं।