शिलांग : मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले के थांगस्काई इलाके में 5 फरवरी को एक अवैध कोयला खदान में जोरदार धमाका हुआ। जिसमें 18 मजदूरों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कई अन्य मजदूरों के अभी भी खदान के अंदर फंसे होने की संभावना है। यह खदान अवैध रूप से चल रही थी और ‘रैट-होल माइनिंग’ पद्धति से कोयला निकाला जा रहा था।
इस घटना को गंभीर मानते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने खुद संज्ञान लिया है। आयोग ने मेघालय के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो हफ्तों के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट में बचाव कार्य की स्थिति, पीड़ित परिवारों को दिए जाने वाले मुआवजे, पुलिस जांच और भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के उपायों की जानकारी देनी होगी।
साथ ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया है। एनजीटी यह देखेगा कि इस अवैध खनन से पर्यावरण कानूनों का कितना उल्लंघन हुआ है।
9 फरवरी को ईस्ट जैंतिया हिल्स के एसपी ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया है और जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा गया था। फिलहाल बचाव अभियान जारी है, जांच चल रही है और एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया है।यह घटना न सिर्फ अवैध खनन के खतरे को उजागर करती है, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा और मानवाधिकारों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।