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रोजाना की 7 आदतें जो आपके नींद के चक्र को बिगाड़ रही हैं, क्यों होना चाहिए सतर्क?

दैनिक जीवन की ये सारी गलत आदतें तुरंत समस्या पैदा नहीं करतीं लेकिन समय के साथ अनिद्रा, थकान, ध्यान की कमी और कई शारीरिक समस्याओं का कारण बन जाती हैं।

By सायम कृष्ण देब, Posted by: प्रियंका कानू

Feb 01, 2026 16:37 IST

अच्छी नींद सिर्फ आराम के लिए नहीं है, यह शरीर और मन की सेहत की नींव है। फिर भी हम में से कई अनजाने में ऐसी आदतें अपनाते हैं, जो धीरे-धीरे नींद की गुणवत्ता को खराब कर देती हैं। रोजाना की ये गलत आदतें तुरंत समस्या नहीं बनातीं लेकिन समय के साथ अनिद्रा, थकान, ध्यान की कमी और कई शारीरिक समस्याओं का कारण बन जाती हैं। जानिए कौन-सी आदतें रोजाना आपके नींद के चक्र को बिगाड़ रही हैं।

रोजाना एक ही समय पर न सोना

कभी रात 10 बजे, कभी रात 1 बजे, यह अनियमितता शरीर की जैविक घड़ी या सर्केडियन रिदम को बिगाड़ देती है। परिणामस्वरूप शरीर यह नहीं समझ पाता कि कब आराम करना है। इससे देर से नींद आने और नींद की गुणवत्ता खराब होने जैसी समस्याएँ होती हैं। सुबह उठते ही थकान महसूस होती है और दिन भर नींद आती रहती है।

सोने से पहले अत्यधिक स्क्रीन टाइम

मोबाइल, टीवी या लैपटॉप की नीली रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन के स्राव को कम कर देती है। यह हार्मोन हमारी नींद लाने में मदद करता है। सोने से पहले लंबे समय तक स्क्रीन देखने से मस्तिष्क सक्रिय रहता है, जिससे नींद आने में देर होती है और नींद की गुणवत्ता खराब होती है।

बिस्तर पर कई काम करना

बिस्तर पर काम करना, फोन चेक करना या सीरीज देखना मस्तिष्क को बिस्तर को नींद के संकेत के रूप में नहीं लेने देता। धीरे-धीरे बिस्तर पर लेटते ही नींद आने की सामान्य प्रतिक्रिया खराब हो जाती है।

रात को भारी भोजन करना

देर रात खाना, तैलीय-मसालेदार या भारी भोजन करने से पाचन में समस्या होती है। इसके परिणामस्वरूप सीने में जलन, असुविधा और बार-बार नींद टूटने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। अच्छी नींद के लिए रात का भोजन हल्का होना चाहिए और इसे सोने से 2 से 3 घंटे पहले समाप्त कर लेना चाहिए।

अत्यधिक चाय-कॉफी या कैफीन का सेवन

शाम या दोपहर के बाद कैफीन का सेवन करने से इसका प्रभाव रात तक रहता है। कई लोग सोचते हैं कि एक कप कॉफी से कुछ नहीं होगा लेकिन नियमित यह आदत नींद की गहराई को कम कर देती है।

सप्ताहांत में देर तक सोना

छुट्टी के दिन अधिक सोना कई लोग नींद पूरी करने जैसा मानते हैं। वास्तव में, इससे सप्ताह के बाकी दिनों की नींद की लय और अधिक बिगड़ जाती है, जिसे सोशल जेट लैग कहा जाता है। छुट्टी मिलने पर भी देर तक सोने की आदत छोड़ें।

मानसिक तनाव

चिंता, टेंशन या स्ट्रेस लेकर सीधे बिस्तर पर जाने से मन शांत नहीं होता। मन शांत न होने पर विचार अवचेतन में चलते रहते हैं, जो नींद में बाधा डालते हैं। कई बार रात में नींद टूट जाती है इसलिए ध्यान, हल्की किताब पढ़ने जैसी आदतें अपनाएं।

अच्छी नींद के लिए जरूरी है नियमित रूटीन, सचेत आदतें और अपने शरीर के संकेत समझना। इन छोटी-छोटी गलतियों को सुधारने मात्र से धीरे-धीरे आपकी नींद की गुणवत्ता बेहतर होगी, जो आपकी समग्र स्वास्थ्य के लिए प्रभावी है।

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