सिर दर्द, पेट दर्द, सीने में जलन से लेकर बुरे सपने तक, अक्सर लोग हर परेशानी के लिए गैस को जिम्मेदार ठहरा देते हैं। कोई घरेलू उपाय के तौर पर अजवाइन खाता है, तो कोई सौंफ। अदरक और नमक मिलाकर खाने से भी कई बार गैस और एसिडिटी में आराम मिलता है। हालत ज्यादा बिगड़ने पर लोग एंजाइम की दवाइयों का सहारा लेते हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि पेट की समस्या की वजह हमेशा गैस ही हो, यह धारणा पूरी तरह गलत है। कई मामलों में जो परेशानी गैस जैसी लगती है, वह असल में एंग्जायटी अटैक या तीव्र चिंता से जुड़ी समस्या हो सकती है। बिना समझे गैस की दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है।
कैसे पहचानें?
विशेषज्ञों के अनुसार, गैस या बदहजमी की समस्या आमतौर पर खाने से जुड़ी होती है। पेट फूलना, बार-बार डकार आना, पेट में खिंचाव या ऐंठन गैस और एसिडिटी के आम लक्षण हैं। आमतौर पर एंटासिड या घरेलू उपायों से इनमें राहत मिल जाती है। इसके विपरीत, एंग्जायटी या चिंता का पेट से सीधा संबंध नहीं होता। यह मानसिक तनाव या अचानक डर के कारण हो सकती है। इसके लक्षणों में तेज दिल की धड़कन, अत्यधिक पसीना आना, हाथ-पैर कांपना और चक्कर आना शामिल हैं। कई बार व्यक्ति को ऐसा लग सकता है कि उसे हार्ट अटैक हो रहा है। चिकित्सकीय भाषा में इसे पैनिक डिसऑर्डर कहा जाता है।
कहां गलती होती है?
गैस और एंग्जायटी के कुछ लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। गैस के कारण सीने के बीच जो दबाव महसूस होता है, वही दबाव एंग्जायटी के समय भी महसूस हो सकता है। पेट फूला होने पर सांस लेने में दिक्कत होती है, जो एंग्जायटी के दौरान होने वाली सांस की कमी जैसी लगती है। यही अचानक होने वाले लक्षण लोगों को भ्रमित कर देते हैं।
कब सतर्क होना जरूरी है?
1. अगर सीने का दर्द 15 से 20 मिनट से ज्यादा समय तक बना रहे
2. अगर दर्द जबड़े या बाएं हाथ तक फैलने लगे
3. अगर उल्टी के साथ बेहोशी जैसी स्थिति बन जाए
ये लक्षण हार्ट अटैक के संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए लापरवाही न करें और तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। गैस समझकर एंग्जायटी या दिल की समस्या को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। याद रखें, हर असहजता गैस नहीं होती और हर डर सामान्य चिंता नहीं होता। समय पर सही जांच और इलाज से खतरे को टाला जा सकता है।