भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी की रिपोर्ट में सामने आया है कि जरूरत से ज्यादा नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को राज्यसभा में दी। उन्होंने बताया कि सरकार फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के जरिए ईट राइट इंडिया अभियान चला रही है, ताकि लोगों को स्वस्थ खानपान और ज्यादा नमक के नुकसान के बारे में जागरूक किया जा सके।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान के तहत टीवी, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर "आज से थोड़ा कम" जैसे कैंपेन चलाए जा रहे हैं, जो लोगों को रोज के खाने में नमक, चीनी और फैट धीरे-धीरे कम करने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके अलावा, ईट राइट टूलकिट भी तैयार की गई है, ताकि स्वास्थ्यकर्मी लोगों को हाई फैट, शुगर और नमक वाले खाने से बचने की सलाह दे सकें। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, रोजाना नमक यानी सोडियम की मात्रा 2 ग्राम से कम होनी चाहिए। इसके लिए साधारण टेबल सॉल्ट की मात्रा कम करना बेहद जरूरी है।
डबल्यूएचओ यह भी सलाह देता है कि अगर नमक का इस्तेमाल करना हो, तो कम सोडियम वाला नमक, जिसमें पोटैशियम शामिल हो, उसे अपनाया जा सकता है। हालांकि यह सलाह गर्भवती महिलाओं, बच्चों, किडनी रोगियों और उन लोगों पर लागू नहीं होती, जिनके शरीर में पोटैशियम बाहर निकालने की क्षमता प्रभावित होती है। कम नमक का मतलब सिर्फ स्वाद में बदलाव नहीं बल्कि दिल और ब्लड प्रेशर की बेहतर सेहत की ओर एक जरूरी कदम है।