नई दिल्ली: एक अध्ययन में पाया गया है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कोरोनरी हृदय रोग कई साल पहले विकसित होना शुरू हो जाता है। यह अंतर 30 की उम्र के मध्य तक साफ नजर आने लगता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि युवा पुरुषों के लिए समय रहते रोकथाम पर ध्यान देना हृदय स्वास्थ्य सुधारने और बीमारी के जोखिम को कम करने में अहम हो सकता है। हालांकि हाल के दशकों में धूम्रपान, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसे जोखिम कारक पुरुषों और महिलाओं में काफी हद तक समान हो गए हैं, फिर भी दोनों के बीच हृदय रोग का अंतर कम नहीं हुआ है। यह बात अध्ययन की वरिष्ठ लेखिका और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन में प्रिवेंटिव मेडिसिन की सहायक प्रोफेसर एलेक्सा फ्रीडमैन ने कही।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित इस अध्ययन में सिर्फ कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर जैसे सामान्य मानकों तक सीमित न रहकर जैविक और सामाजिक कारणों की एक व्यापक श्रृंखला को भी शामिल किया गया, ताकि यह समझा जा सके कि लिंग आधारित अंतर क्यों बना हुआ है। इस अध्ययन के तहत 18 से 30 वर्ष की उम्र के 5,100 से अधिक वयस्कों को शामिल किया गया था। ये सभी कार्डिया अध्ययन का हिस्सा थे, जिसकी शुरुआत 1980 के दशक के मध्य में हुई थी और 2020 तक इन पर नजर रखी गई।
शोधकर्ताओं के अनुसार पुरुषों में हृदय रोग का जोखिम महिलाओं की तुलना में लगभग सात साल पहले पांच प्रतिशत तक पहुंच जाता है, जिसमें सबसे बड़ा योगदान कोरोनरी हृदय रोग का होता है। वहीं पुरुषों में कोरोनरी हृदय रोग की दो प्रतिशत घटना दर महिलाओं की तुलना में दस साल से भी पहले देखी गई। हालांकि स्ट्रोक की दर दोनों लिंगों में लगभग समान पाई गई, जबकि हार्ट फेल्योर का अंतर जीवन के बाद के वर्षों में सामने आया। फ्रीडमैन ने बताया कि अध्ययन में शामिल सभी लोग अंतिम फॉलो-अप तक 65 वर्ष से कम उम्र के थे और आमतौर पर स्ट्रोक व हार्ट फेल्योर बाद की उम्र में विकसित होते हैं।
शोधकर्ताओं के मुताबिक सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जोखिम का अंतर किस उम्र में खुलता है। शुरुआती 30 की उम्र तक पुरुषों और महिलाओं में हृदय रोग का जोखिम लगभग समान था लेकिन 35 वर्ष के आसपास पुरुषों में यह जोखिम तेजी से बढ़ने लगता है और मध्यम आयु तक ऊंचा बना रहता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि चूंकि हृदय रोग की जांच और रोकथाम आमतौर पर 40 वर्ष से ऊपर के लोगों पर केंद्रित होती है इसलिए युवा पुरुषों के लिए एक अहम समय खिड़की छूट सकती है। फ्रीडमैन ने कहा कि अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि युवा पुरुषों को समय पर प्रिवेंटिव हेल्थ चेक-अप के लिए प्रेरित करना हृदय स्वास्थ्य सुधारने और कार्डियोवैस्कुलर रोग के जोखिम को कम करने का बड़ा मौका हो सकता है।