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बांग्लार बाड़ी योजना का निर्माण कार्य पटरी पर लाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय

प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों को काम देने के साथ ही ईंट-बालू की कीमत और गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी।

By चांदकुमार बड़ाल, Posted by: श्वेता सिंह

Feb 10, 2026 17:26 IST

कूचबिहारः राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी बांग्लार बाड़ी(आवास योजना फेज-2) परियोजना के तहत लाभार्थियों के बैंक खातों में पहली किस्त के रूप में 60 हजार रुपये भेजे जाने का सिलसिला अब शुरू हो गया है। इसके साथ ही कूचबिहार जिला प्रशासन ने घर बनाने के काम को तय समय सीमा में पूरा कराने के लिए जरूरी इंतजाम करना शुरू कर दिया है।

जिले में इस चरण में कुल 1 लाख 86 हजार 489 लाभार्थियों को पक्के घर दिये जायेंगे। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में घर बनाने के लिए प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने पहले से प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों के साथ ब्लॉक स्तर पर बैठकें कर उन्हें काम के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2021 में आवास योजना के तहत करीब 5 हजार राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण दिया गया था। उनकी सूची पहले से मौजूद है और उसी के आधार पर विभिन्न ब्लॉकों में काम का बंटवारा किया जा रहा है। राजमिस्त्रियों को तय मानदेय पर समय पर और गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के का निर्देश दिया गया है ताकि लाभार्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

सिर्फ मानव संसाधन ही नहीं, बल्कि निर्माण सामग्री की उपलब्धता और कीमतों को लेकर भी प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। ईंट भट्ठा मालिकों के साथ बैठक कर उन्हें साफ कहा गया है कि समय पर ईंटों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और कीमतें नहीं बढ़ाई जाएंगी।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, एक घर के निर्माण में औसतन साढ़े पांच हजार ईंटों की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा बालू, पत्थर और अन्य सामग्री की अनुमानित मात्रा का हिसाब भी लगा लिया गया है ताकि निर्माण कार्य के दौरान कोई परेशानी न आए।

जिला प्रशासन ने लाभार्थियों को स्पष्ट कर दिया है कि पहली किस्त का पैसा मिलते ही घर बनवाने का काम शुरू कर देना होगा। पैसों का इस्तेमाल नहीं करना नियमों के खिलाफ माना जाएगा। निर्माण कार्य की प्रगति पर नजर रखने के लिए हर ब्लॉक में एक-एक अधिकारी की नियुक्ति की गई है।वे घर-घर जाकर निरीक्षण करेंगे और निर्माण की स्थिति का जायजा लेंगे।

जिलाधिकारी राजू मिश्रा ने बताया कि ग्राम पंचायत से लेकर ब्लॉक स्तर तक लाभार्थियों को लगातार मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि वे तय बजट में सही और मजबूत घर बना सकें। वहीं अतिरिक्त जिलाधिकारी (पंचायत) सौमेन दत्त ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देश और बांग्लार बाड़ी योजना के नियमों के अनुसार तेजी से घर बनवाना अब प्रशासन की पहली प्राथमिकता बन गयी है।

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