हल्दियाः पश्चिम बंगाल के हल्दिया स्थित हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स संयंत्र में मंगलवार तड़के नाफ्था पाइपलाइन में हुए विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दमकल विभाग युद्धस्तर पर आग बुझाने में जुटा है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, अब तक कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
कंपनी प्रबंधन ने घटना पर बयान जारी करते हुए बताया कि नाफ्था अत्यंत ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन है, इसलिए इसके संपर्क में आने पर आग तेजी से फैल सकती है। इसी जोखिम को देखते हुए आसपास के लोगों को पहले भी समय-समय पर सतर्क किया जाता रहा है।
फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पाने के प्रयास जारी हैं। मौके पर दमकल की 15 गाड़ियां राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं। हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रारंभिक स्तर पर कंपनी का अनुमान है कि संयंत्र से नाफ्था की कथित अवैध चोरी की कोशिश के दौरान यह दुर्घटना हुई हो सकती है। कंपनी ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर जांच शुरू कर दी है और स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि सोमवार रात क्षेत्र में गिरी आकाशीय बिजली के कारण भी विस्फोट हुआ हो सकता है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक इस संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
घायलों में तीन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। छह गंभीर रूप से झुलसे लोगों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बेहतर इलाज के लिए कोलकाता भेजा जा रहा है। अन्य घायलों का इलाज तम्रलिप्त मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और हल्दिया महकमा अस्पताल में चल रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घायल सभी लोग स्थानीय निवासी हैं।
हादसे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। विस्फोट स्थल के पास से गुजरने वाली रेलवे लाइन के ओवरहेड बिजली तार और ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रेल पटरी का एक हिस्सा भी प्रभावित हुआ है। इसके चलते हावड़ा-हल्दिया और हावड़ा-पांशकुड़ा रेल मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन फिलहाल रोक दिया गया है। कई ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कुछ का मार्ग बदलकर संचालित किया जा रहा है।