नई दिल्लीः करीब 128 साल बाद ओलंपिक में वापसी कर रहे क्रिकेट के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया स्पष्ट हो गई है। लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में पुरुष और महिला, दोनों वर्गों में छह-छह टीमें हिस्सा लेंगी। अब अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के साथ मिलकर टीमों के चयन का तरीका तय कर दिया है। नए नियमों से भारत के सीधे ओलंपिक खेलने की संभावना काफी मजबूत हो गई है।
पुरुष वर्ग में ऐसे मिलेगा प्रवेश
पुरुष क्रिकेट में चार अलग-अलग महाद्वीपों की आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष पर रहने वाली चार टीमें सीधे ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेंगी। इन टीमों को अपने-अपने राष्ट्रीय ओलंपिक संघ (NOC) के लिए एक-एक कोटा मिलेगा।
इसके अलावा एक स्थान मेजबान अमेरिका के लिए सुरक्षित रहेगा, जबकि अंतिम स्थान आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर टूर्नामेंट के विजेता को मिलेगा।
भारत को क्यों मिला बड़ा फायदा?
मौजूदा टी20 रैंकिंग के अनुसार एशिया से भारत, यूरोप से इंग्लैंड, ओशियानिया से ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका से दक्षिण अफ्रीका अपने-अपने महाद्वीप में सबसे आगे हैं। ऐसे में यदि रैंकिंग में बड़ा बदलाव नहीं होता है तो इन चारों टीमों के सीधे ओलंपिक में पहुंचने की संभावना सबसे अधिक है।
किन देशों की मुश्किलें बढ़ीं?
नई व्यवस्था से कुछ मजबूत क्रिकेट देशों की राह कठिन हो गई है। न्यूजीलैंड वैश्विक रैंकिंग में ऊंचे स्थान पर होने के बावजूद सीधे प्रवेश नहीं पा सकेगा, क्योंकि ओशियानिया से ऑस्ट्रेलिया उससे ऊपर है।
इसी तरह एशिया में भारत शीर्ष पर होने के कारण पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका को सीधे प्रवेश नहीं मिलेगा। इन टीमों को अंतिम स्थान के लिए क्वालिफायर टूर्नामेंट खेलना पड़ सकता है।
क्या होगा क्वालिफायर टूर्नामेंट?
31 दिसंबर 2026 तक की आईसीसी टी20 रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाने वाली शीर्ष आठ टीमें आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर में उतरेंगी। इस प्रतियोगिता की विजेता टीम को ओलंपिक का अंतिम टिकट मिलेगा।
महिला क्रिकेट में अलग होगा नियम
महिला वर्ग में क्वालिफिकेशन टी20 रैंकिंग से नहीं, बल्कि मौजूदा टी20 विश्व कप के प्रदर्शन के आधार पर तय होगा। विश्व कप में चार अलग-अलग महाद्वीपों की सर्वश्रेष्ठ टीमें सीधे ओलंपिक में पहुंचेंगी।
वर्तमान स्थिति में भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और ग्रेट ब्रिटेन (इंग्लैंड) के लिए रास्ता साफ माना जा रहा है। मेजबान अमेरिका को भी सीधा स्थान मिलेगा, बशर्ते वह आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष-15 के भीतर रहे। अंतिम स्थान क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट से तय होगा।