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दक्षिण अफ्रीका बनाम कनाडा मुकाबले से पहले गोलकीपर रोनवेन विलियम्स की तैयारी, वीडियो एनालिसिस से रोकते हैं पेनल्टी

राउंड ऑफ 32 में कनाडा के खिलाफ मुकाबले में पेनल्टी शूटआउट की स्थिति में विलियम्स बन सकते हैं निर्णायक खिलाड़ी।

By शिखा सिंह

Jun 28, 2026 22:25 IST

लॉस एंजिल्स : फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में कनाडा के खिलाफ उतरने से पहले दक्षिण अफ्रीका के कप्तान और गोलकीपर रोनवेन विलियम्स ने अपनी पेनल्टी बचाने की सफलता का राज बताया है। उन्होंने कहा कि पेनल्टी रोकने में महारत हासिल करने के लिए वह लगातार खेल का अध्ययन करते हैं और खुद को 'खेल में छात्र' मानते हैं।

34 वर्षीय रोनवेन विलियम्स ने पिछले कुछ वर्षों में क्लब और देश के लिए कई अहम मौकों पर पेनल्टी बचाकर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी सबसे यादगार उपलब्धियों में 2024 अफ्रीका कप ऑफ नेशंस के क्वार्टर फाइनल में केप वर्डे के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में चार पेनल्टी बचाना शामिल है। उनकी इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत दक्षिण अफ्रीका की टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी।

इसके बाद तीसरे स्थान के प्लेऑफ मुकाबले में कांगो डीआर के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में विलियम्स ने दो और बचाव किए, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने कांस्य पदक हासिल किया। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर पुरस्कार मिला था और वह बैलन डी'ओर के लिए भी नामांकित हुए थे।

रोनवेन विलियम्स ने बताया कि पेनल्टी रोकने की उनकी क्षमता सिर्फ अनुभव से नहीं बल्कि विपक्षी खिलाड़ियों की बारीकी से जानकारी जुटाने और लगातार तैयारी करने से बनी है। उन्होंने कहा कि टीम के विश्लेषक उन्हें पेनल्टी लेने वाले खिलाड़ियों के वीडियो उपलब्ध कराते हैं, जिनका अध्ययन कर वह अपनी रणनीति तैयार करते हैं।

उन्होंने बताया कि दुनिया भर की अलग-अलग लीगों में खेलने वाले खिलाड़ियों की वीडियो फुटेज जुटाना आसान नहीं होता, लेकिन उनकी टीम इसके लिए काफी मेहनत करती है। उन्होंने कहा कि उनके फोन में विपक्षी खिलाड़ियों के इतने वीडियो जमा हो जाते हैं कि स्टोरेज भर जाता है।

दक्षिण अफ्रीकी गोलकीपर ने यह भी बताया कि पेनल्टी के दौरान वह मानसिक दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। इसके लिए वह गोल लाइन पर अपनी गतिविधियों, हाथों के इशारों और बॉडी लैंग्वेज के जरिए विपक्षी खिलाड़ी को असमंजस में डालने का प्रयास करते हैं।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जानते हैं कि गोलकीपर उनकी आदतों और शॉट लेने के तरीके का अध्ययन करते हैं। ऐसे में वह कोशिश करते हैं कि गोल का आकार बड़ा होने के बावजूद बल्लेबाज को लक्ष्य छोटा नजर आए और वह फैसला लेने में उलझ जाए।

फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में रविवार को दक्षिण अफ्रीका और कनाडा के बीच होने वाले मुकाबले में अगर फैसला पेनल्टी शूटआउट से होता है, तो रोनवेन विलियम्स अपनी टीम के लिए सबसे अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

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