वॉशिंगटन डी.सी. : अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हालिया सैन्य तनाव के बाद कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा जाएंगे, जहां ईरान के साथ महत्वपूर्ण वार्ता होने की संभावना है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में बताया कि यह बैठक ईरान के अनुरोध के बाद आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ दोहा पहुंचकर दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर चर्चा करेंगे। साथ ही उच्चस्तरीय वार्ता के समानांतर तकनीकी स्तर की बातचीत भी होगी।
कैरोलिन लीविट ने कहा कि अमेरिका युद्धविराम की शर्तों का पूरी तरह पालन कर रहा है, लेकिन यदि किसी तरह की हिंसक कार्रवाई होती है तो उसका जवाब भी उसी प्रकार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कार्रवाई कर चुके हैं और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी ऐसा किया जाएगा। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आएगी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि शांति प्रक्रिया आगे बढ़े और ईरान को अमेरिका के साथ एक बेहतर समझौता करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन के बाद तकनीकी स्तर पर बातचीत जारी रखने की तैयारी है।
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर दावा किया था कि ईरान ने अमेरिका से बातचीत का अनुरोध किया है और दोनों देशों के बीच मंगलवार को दोहा में बैठक होगी।
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच पैदा हुए विवाद का समाधान तलाशना है। हाल के दिनों में इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच कई सैन्य घटनाएं हुई हैं।
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि दोनों पक्षों ने फिलहाल सभी सैन्य गतिविधियां रोकने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अभी के लिए दोनों देश तनाव कम करने पर सहमत हैं और जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रहेगी। अमेरिकी अधिकारियों और मामले की जानकारी रखने वाले एक अन्य सूत्र ने भी मंगलवार को प्रस्तावित बैठक की पुष्टि की है।
हालांकि ईरान ने इन दावों का खंडन किया है। ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के अनुसार, कानूनी एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने कहा है कि इस सप्ताह किसी भी तकनीकी कार्य समूह की बैठक निर्धारित नहीं है।
काज़ेम गरीबाबादी ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए हुए 14-सूत्रीय समझौते के तहत इस सप्ताह कोई तकनीकी बैठक तय नहीं की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि दोहा में तकनीकी वार्ता चलने संबंधी मीडिया रिपोर्टों की पुष्टि नहीं की जा सकती।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कतर के साथ परामर्श सामान्य रूप से जारी है, विशेष रूप से दूसरे पक्ष द्वारा किए गए वादों के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हो रही है। लेकिन तकनीकी वार्ता की तारीख और स्थान पर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है।
उन्होंने कहा कि तकनीकी स्तर की पहली बैठक तभी होगी जब आवश्यक परिस्थितियां पूरी होंगी और तारीख व स्थान पर सहमति बन जाएगी। इस संबंध में मध्यस्थ देशों के माध्यम से बातचीत लगातार जारी है।
इस पूरे घटनाक्रम में जहां एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस दोहा वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत दे रहे हैं, वहीं ईरान आधिकारिक तौर पर किसी भी तकनीकी बैठक की पुष्टि से इनकार कर रहा है। दोनों पक्षों के अलग-अलग बयानों के बीच कतर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए संवाद को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।