पिछले लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद अब आखिरकार भारतीय रेलवे ने हावड़ा-गुवाहाटी के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के मेन्यू में बदलाव करने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि केंद्र रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव के हवाले से की गयी है।
बताया जाता है कि अब जल्द ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को वेज और नॉन-वेज भोजन के विकल्प में से अपना पसंदीदा भोजन चुनने का विकल्प मिल सकेगा।
News18 की मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव ने इस बात की घोषणा की है। उन्होंने कहा, "वर्तमान में सिर्फ शाकाहारी भोजन ही ट्रेन में परोसा जाता है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को जल्द ही नॉन-वेज भोजन का विकल्प भी उपलब्ध करवाया जाएगा।"
क्यों है विवाद?
हावड़ा और गुवाहाटी के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में परोसे जाने वाले भोजन में सिर्फ शाकाहारी भोजन का विकल्प ही शामिल करने को लेकर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने आपत्ति जतायी थी। पार्टी का कहना था कि ऐसा करके केंद्र की भाजपा सरकार ने असम और पश्चिम बंगाल, दो ऐसे राज्य जहां नॉन-वेज को काफी पसंद किया जाता है, की खाद्य संस्कृति का अपमान कर रही है।
क्या है शाकाहारी मेन्यू में शामिल?
चाय और बिस्कुट के अलावा हावड़ा से खुलने वाली इस ट्रेन में जो भोजन अब तक परोसा जाता था उसमें शामिल है बासंती पुलाव, वेज पुलाव या हरा मटर पुलाव, फुल्का, लाबरा, छानार (पनीर) डालना या धोकार (दाल से बनी) डालना। इसके साथ ही इसमें फुलगोभी का भुजिया, आलु का कुरकुरा भुजिया, मुंग दाल, चना दाल या मिक्स दाल। इसके साथ ही मीठे में संदेश, काला जामुन या रसगुल्ला परोसा जाता है।
वहीं गुवाहाटी से खुलने वाली ट्रेन में जो भोजन परोसा जाता है उसमें शामिल है - जोहा राइस या जोहा पुलाव, फुल्का, मटर पनीर, लाबरा या मिक्स भाजी, आलू राजमा भाजी, आलू भिंडी भाजा या आलू पनीर की रसदार सब्जी, माटी मोहर दाली, मसूर या मुंग दाल। मीठे में यहां नारीकोल बर्फी, लाल मोहन या रसगुल्ला परोसा जाता है। जल्द ही इस मेन्यू में बदलाव होने वाला है और नॉन-वेज भोजन का विकल्प भी उपलब्ध होगा।