कोलकाता: वंचित बच्चों की शिक्षा और समग्र विकास के लिए समर्पित गैर-लाभकारी संगठन 'शैशव' ने अपने न्यू बैरकपुर सेंटर में हाल ही में सरस्वती पूजा का आयोजन किया। इस रंगारंग और प्रेरक कार्यक्रम में बच्चों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। सबने मिल कर ज्ञान, कला और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत देवी सरस्वती की पारंपरिक पूजा और आराधना से हुई। बच्चों ने मंत्रोच्चार और भजन में सक्रिय भागीदारी दिखाई, जिससे वातावरण आध्यात्मिक और उत्साहपूर्ण बन गया। पूजा के बाद बच्चों ने संगीत, कविता, कहानी और कला के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये।
शैशव के संस्थापक और चेयरमैन अंबरिश साहा ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। यह आत्मविश्वास, जिज्ञासा, सांस्कृतिक पहचान और मानसिक विकास से जुड़ी है। सरस्वती पूजा इन सभी तत्वों को एक साथ जोड़ती है और बच्चों के लिए सकारात्मक, आनंदमय और प्रेरक वातावरण तैयार करती है।
स्वयंसेवकों और शिक्षकों ने भी इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्म-सम्मान, सांस्कृतिक जागरूकता और सीखने की खुशी बढ़ाते हैं। एक वरिष्ठ स्वयंसेवक ने कहा कि जब बच्चों को अपनी परंपराओं का जश्न मनाने और अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है, तो यह उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और जीवन भर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
शैशव की पहल केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं है। यह संगठन इंटरएक्टिव सत्र, मेंटरशिप प्रोग्राम, कला कार्यशालाएं और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित कर बच्चों को उनके हुनर और क्षमताओं को विकसित करने के लिए प्रेरित करता है। शैशव एक गैर-लाभकारी संगठन है जो वंचित बच्चों की शिक्षा, कल्याण और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यह संगठन बच्चों को उनके हुनर की खोज, पहचान का उत्सव और पूर्ण क्षमता तक पहुंचने का अवसर प्रदान करता है।