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रविवार को बंद रहेगा द्वितीय हुगली ब्रिज, किस रास्ते से करेंगे आवाजाही? जानिए यहां

पिछले कुछ समय से द्वितीय हुगली ब्रिज को रख-रखाव की वजह से बंद किया जा रहा है। इस दौरान डायवर्ट रूट से वाहनों का संचालन किया जा रहा है।

By Moumita Bhattacharya

Jan 23, 2026 18:14 IST

रविवार (25 जनवरी) को विद्यासागर सेतु को बंद रखा जाएगा। बताया जाता है कि सुबह 5 से रात को 9 बजे तक विद्यासागर सेतु (द्वितीय हुगली ब्रिज) को बंद रखने का फैसला लिया गया है। इस बाबत कोलकाता ट्रैफिक पुलिस की ओर से विज्ञप्ति जारी किया जा चुका है। विज्ञप्ति में वैकल्पिक रास्तों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी है।

बता दें, पिछले कुछ समय से द्वितीय हुगली ब्रिज को रख-रखाव की वजह से बंद किया जा रहा है। इस दौरान डायवर्ट रूट से वाहनों का संचालन किया जा रहा है।

किस रास्ते से होकर गाड़ियां करेंगी आवाजाही?

  1. जीरात आईलैंड से एजेसी बोस रोड होकर विद्यासागर सेतु की ओर आने वाली गाड़ियों को टर्फ व्यू वाया ग्रेड रोड से होकर हेस्टिंग्स क्रॉसिंग होकर सेंट जॉर्जेस गेट रोड-स्ट्रैंड रोड-हावड़ा ब्रिज या फिर हेस्टिंग्स क्रॉसिंग से केपी रोड कर संचालित किया जाएगा।
  2. जवाहर लाल नेहरु आईलैंड से केपी रोड से आने वाली गाड़ियां आ रही हैं, उन गाड़ियों को 11 फर्लॉन्ग गेट होकर हेस्टिंग्स क्रॉसिंग से होकर सेंट जॉर्जेस गेट रोड-स्ट्रैंड रोड-हावड़ा ब्रिज से अपने गंतव्यों की ओर बढ़ सकते हैं।
  3. पूर्व की ओर जाने वाली गाड़ियां खिदिरपुर से सीजीआर रोड होकर आने वाली गाड़ियां हेस्टिंग्स क्रॉसिंग से बाएं ओर मुड़कर सेंट जॉर्जेस गेट रोड-स्ट्रैंड रोड होकर हावड़ा ब्रिज से अपने गंतव्यों की ओर बढ़ सकते हैं।
  4. केपी रोड से विद्यासागर सेतु की ओर आने वाली गाड़ियां वाई प्वाएंट के सामने से घोड़ा पास होकर रेड रोड लेकर हावड़ा ब्रिज पर पहुंच सकते हैं।

गौरतलब है कि प्रतिदिन द्वितीय हुगली ब्रिज से होकर हजारों की संख्या में गाड़ियां आवाजाही करती हैं। करीब 823 मीटर लंबी यह ब्रिज देश की सबसे बड़ी केबल सेतु कहलाती है। इस ब्रिज ने 27 सालों का सफर पूरा कर लिया है। इस वजह से ब्रिज के निर्माण में इस्तेमाल हुआ स्टे केबल, होल्डिंग डाउन केबल, डेक स्लैब, एक्सपेंशन ज्वाएंट आदि की आयु 25 साल से ज्यादा हो चुकी है।

इसलिए इन सबको अब बदलने की जरूरत हो गयी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी ब्रिज से होकर लगातार 25 सालों तक यातायात का संचालन किया जाता है तो उसके रखरखाव की जरूरत हो जाती है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

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