राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR की प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। गत सोमवार को ही एक मीडिया रिपोर्ट में चुनाव आयोग के एक अधिकारी के हवाले से दावा किया गया था कि अगले 3-4 दिनों में कुछ चुनिंदा जिलों को छोड़कर लगभग सभी जिलों में सुनवाई की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी। 14 फरवरी को चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल का अंतिम मतदाता सूची जारी करने वाला है। लेकिन उससे पहले ही एक बड़ा अपडेट सामने आया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश भाजपा चाहती है कि अंतिम मतदाता सूची को जारी करने में कोई जल्दबाजी न करते हुए मतदाता सूची जारी करने की तारीख को एक सप्ताह के लिए टाल दिया जाए। पर प्रदेश भाजपा ऐसा क्यों चाहती है? क्या इससे भाजपा को विधानसभा चुनावों में कोई फायदा मिलने वाला है?
सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेताओं का मानना है कि जल्दबाजी में दस्तावेजों की जांच करने से लापरवाही और गलतियां होने की संभावना बढ़ जाएगी। बताया जाता है कि राज्य में विरोधी पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी चाहते हैं कि इस मामले में चुनाव आयोग के पास भाजपा की ओर से आवेदन किया जाए।
संभावना जतायी गयी है कि वे इस मामले में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के साथ भी बातचीत करने वाले हैं। गौरतलब है कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में भी SIR मामले की सुनवाई के दौरान अंतिम मतदाता सूची जारी करने का दिन टालने की बात उठी थी।
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प्रदेश भाजपा के कुछ नेताओं को आशंका है कि अगर निर्धारित समयसीमा में अंतिम मतदाता सूची की घोषणा करने में चुनाव आयोग जल्दबाजी कर रही है। ऐसी स्थिति में SIR की सुनवाई में मतदाताओं ने जो दस्तावेज जमा किए हैं, उनकी जांच की प्रक्रिया में कमी रह सकती है। एक भाजपा नेता का कहना है कि हम फर्जी मतदाताओं से मुक्त मतदाता सूची चाहते हैं। अगर चुनाव आयोग दस्तावेजों की जांच अच्छी तरह से नहीं कर पाती है तो समस्या जस की तस रह जाएगी।
चुनाव आयोग को 14 फरवरी को ही अंतिम मतदाता सूची जारी करनी होगी, ऐसा तो किसी ने कसम नहीं दिलाया है। हमारे पास जानकारी है कि दस्तावेजों की जांच में समस्या हो रही है। आरोप लगाया जा रहा है कि तृणमूल के करीबी कुछ सरकारी अधिकारी चुनाव आयोग की जल्दबाजी का फायदा उठा रहे हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि चुनाव आयोग और 7 दिनों का अतिरिक्त समय ले और आराम से 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी करें।
चुनाव आयोग के पास आधिकारिक तौर पर भाजपा मतदाता सूची को जारी करने की तारीख 1 सप्ताह के लिए टालने का आवेदन करेगी या नहीं इस बारे में जल्द ही शुभेंदु अधिकारी और शमिक भट्टाचार्य आपसी बातचीत के फैसला लेंगे। वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस का मानना है कि मतदाता सूची से वैध मतदाताओं का नाम हटाने का जो लक्ष्य भाजपा ने निर्धारित किया था वह पूरा नहीं हो रहा है। इसीलिए शुभेंदु अधिकारी चाहते हैं कि चुनाव आयोग कुछ अतिरिक्त समय लेकर मतदाता सूची को जारी करें।