राज्य में चल रहे SIR की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में शिक्षक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की ड्यूटी कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आज से शुरू हुई माध्यमिक की परीक्षा में स्कूलों को निरीक्षकों की कमी से जुझना पड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार जिन स्कूलों में माध्यमिक परीक्षा हो रही है उन्हें निरीक्षकों की कमी को आसपास के निकटवर्ती स्कूलों से शिक्षक लाकर पूरा करना पड़ रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि राज्य के लगभग सभी जिलों के डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ने दूसरे पड़ोसी स्कूलों से शिक्षकों को बुलाकर इस कमी को पूरा करने की कोशिश की है। हालांकि पास के स्कूलों से शिक्षकों को बतौर निरीक्षक बुलाने की यह प्रक्रिया काफी आम है लेकिन SIR के माहौल में दूसरे स्कूल के शिक्षकों को निरीक्षक नियुक्त करने में काफी तेजी आ गयी है।
TOI की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा परिषद (WBBSE) की अपील के बावजूद किसी भी अधिकारी, शिक्षक या कर्मचारी को चुनाव आयोग ने अपने कार्य से मुक्त नहीं किया है। इस वजह से शिक्षा विभाग को वैकल्पिक रास्तों के बारे में सोच-विचार करना पड़ा है।
जोधपुर पार्क ब्वॉयज स्कूल, जहां पहली बार बाहरी शिक्षकों को निरीक्षक नियुक्त करने की जरूरत है क्योंकि स्कूल के मॉर्निंग सेक्शन के 4 शिक्षक वर्तमान में BLO के काम में उलझे हुए हैं। स्कूल के हेडमास्टर अमित सेन ने बताया कि पास के स्कूल से 4 शिक्षकों और एक ग्रुप D कर्मचारी को माध्यमिक की परीक्षा के लिए बुलाया गया है।
उन्होंने बताया कि स्कूल में 2 ग्रुप D कर्मचारी था लेकिन उनमें से एक किसी और सरकारी काम में फंसा हुआ है और एक कर्मचारी ने अपनी नौकरी खो दी है क्योंकि वह SSC के 2016 के पैनल में था। उनका कहना है कि हमने कभी भी निरीक्षक के लिए अतिरिक्त शिक्षकों की मांग नहीं की थी लेकिन इस बार SIR की वजह से पूरा मामला ही गड़बड़ा गया है।
रानी रासमोनी हाई स्कूल के 11 शिक्षकों में से 5 इस समय SIR की ड्यूटी में फंसे हुए हैं। बाकी बचे 6 में से 4 शिक्षकों को पास के दूसरे स्कूल में निरीक्षक के काम के लिए बुलाया गया है। स्कूल के हेडमास्टर सैयद मोहसिन इमाम का कहना है कि सोमवार से मैं और मात्र 2 शिक्षक स्कूल में पठन-पाठन की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
कुछ ऐसी ही स्थिति तालतला हाई स्कूल की भी है जहां 18 में से 12 शिक्षक निरीक्षक की ड्यूटी पर तैनात कर दिए गए हैं। स्कूल के हेडमास्टर ऋत्तीक कुंडू ने उच्च माध्यमिक की परीक्षा को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि 12 फरवरी से वह परीक्षा शुरू होने वाली है जो माध्यमिक की परीक्षा का आखिरी दिन भी होगा।
भवानीपुर गर्ल्स हाई स्कूल के 15 शिक्षकों में से 7 शिक्षक BLO की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। स्कूल में शिक्षकों की कमी को पास के दूसरे स्कूल से बुलाए गए 5 शिक्षकों की मदद से दूर करने की कोशिश की जा रही है। स्कूल की टीचर इन चार्ज लिपीका बेरा का कहना है कि हमारे स्कूल में शिक्षकों की कमी होती है इसलिए हमें हर साल दूसरे स्कूलों से शिक्षकों को बुलाना पड़ता है। लेकिन इस बार हमें ज्यादा शिक्षकों को बुलाना पड़ा है क्योंकि SIR के काम में हमारे काफी शिक्षक उलझे हुए हैं।
हालांकि मीडिया रिपोर्ट में WBBSE के हवाले से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी की वजह से पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद परीक्षा की तैयारियों और सभी आवश्यक कार्यों में कोई कमी नहीं होगी।