10 या 20 नहीं बल्कि हजार करोड़ रुपए की वित्तीय घोटाला मामले में अब कोलकाता में सीबीआई की तलाशी अभियान चलायी गयी। एक राष्ट्रीयकृत बैंक से 1000 करोड़ रुपए का कर्ज लेकर उसे वापस न लौटाने का आरोप कोलकाता की एक वित्तीय कंपनी के खिलाफ लगाया गया है।
उसी मामले में गुरुवार को कंपनी के प्रमुख और घर पर CBI अधिकारियों ने तलाशी अभियान चलाया। आरोप है कि उक्त वित्तीय कंपनी और उसकी एक शाखा ने वर्ष 2014 से 2020 तक एक राष्ट्रीयकृत बैंक से कई चरणों में हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया था।
पहले 730 करोड़ 82 लाख रुपए कर्ज लिया गया था और उसके बाद 260 करोड़ 20 लाख रुपए का कर्ज लिया। बताया जाता है कि इसके बाद भी कई चरणों में रुपए लिए गए। कुल मिलाकर हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था।
कर्ज लेने के लिए दोनों संस्थाओं के अधिकारियों ने बैंक से संपर्क किया था। दावा किया जा रहा है कि कर्ज लेने के लिए पूरी प्रक्रिया के तौर पर दस्तावेज जमा किया गया था। बैंक का आरोप है कि कर्ज लेने के बाद दोनों कंपनी ने शर्तों का उल्लंघन करना शुरू कर दिया था।
आरोप है कि न तो सही समय पर किस्त जमा की गयी और बार-बार बोलने के बावजूद रुपया जमा नहीं किया गया। साल 2023 में आरोपी कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई में शिकायत दर्ज करवायी गयी जिसके आधार पर जांच शुरू हुई। हाई कोर्ट ने जांच का आदेश दिया।
आरोपी दोनों व्यापारियों, दोनों कंपनियों और अज्ञात सरकारी कर्मचारी समेत कई लोगों के खिलाफ IPC की धारा 120(बी) के तहत षड्यंत्र करने और भ्रष्टाचार व प्रताड़ना का मामला लगाया गया।
जानकारी के अनुसार सुबह में सीबीआई की टीम अलीपुर में कंपनी के प्रमुख के घर और टेंगरा स्थित ऑफिस पहुंचे। घर पर किसी को नहीं पाकर अलीपुर में ही उस व्यवसायी के एक अन्य घर पर भी सीबीआई की टीम पहुंची।
उसी समय टेंगरा के ऑफिस में भी तलाशी अभियान चलाया गया। दोनों जगहों पर ही सीबीआई के 5-6 अधिकारियों के साथ पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बल के जवान भी तैनात थे। तलाशी खत्म होने के बाद दोनों जगहों से कुछ दस्तावेज लेकर सीबीआई के अधिकारी चले गए।