आनंदपुर में जुलूस निकालने की अनुमति मांगते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने खटखटाया था। अदालत ने उनके आवेदन को स्वीकार किया है लेकिन...! नजीराबाद में धारा 163 लागू रहने के दौरान ही गुरुवार को विधानसभा में विरोधी पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी पहुंच गए।
वहां से उन्होंने अपने संबोधन में दावा करते हुए कहा, "हम कानून का सम्मान करने वाले लोग हैं। हम आज 100 मीटर की दूरी से ही देखने की कोशिश करेंगे। हम पहले दिन से ही यहां हैं। मयना के विधायक अशोक दिन्दा भी यहां हैं। स्थानीय भाजपा के नेता भी यहां मौजूद हैं।"
गौरतलब है कि जिस गोदाम में आग लगी थी उससे 100 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू कर दी गयी है। नजीराबाद में जुलूस निकालने की अनुमति मांगते हुए भाजपा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट की न्यायाधीश शुभ्रा घोष ने अपने आदेश में कहा कि सड़क के बाएं ओर से गड़िया शीतला मंदिर मोड़ से कमालगाजी मोड़ की ओर 2 हजार लोग जुलूस निकाल सकेंगे।
लेकिन थाना से 200 मीटर दूर जुलूस को खत्म कर देना होगा। वहां संक्षिप्त सभा की जा सकती है। भड़ाकाऊ भाषण नहीं दे सकेंगे। शब्द सीमा के दायरे में रहकर ही साउंड सिस्टम का इस्तेमाल करना होगा। किसी भी प्रकार से पैदल चलते लोगों को समस्या नहीं होनी चाहिए। पुलिस सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखें।
वहीं शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि कोलकाता या ग्रेटर कोलकाता क्षेत्र में यह एक लाक्षागृह बन गया था। इसकी जिम्मेदारी स्थानीय तृणमूल और थाना की है। उन्होंने दावा किया कि नजीराबाद गोदाम से किराए के तौर पर डेढ़ लाख रुपए मालिक को मिलता था। लेकिन यहां अग्निशमन व्यवस्था ही नहीं थी। कोई लाइसेंस भी नहीं था। उन्होंने कहा कि गुरुवार को यह जुलूस निकालने की बात थी लेकिन उसमें बाधा मिली।
इसलिए हाईकोर्ट जाना पड़ा। अब हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार की सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक यह कार्यक्रम होगा। दोपहर 12 बजे जुलूस की शुरुआत होगी। थाना से 200 मीटर की दूरी तक जुलूस जाएगा। उनके प्रतिनिधि जाकर थाना में ज्ञापन सौंपेंगे।