कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार शाम कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) और पार्टी पार्षदों के साथ एक अहम बैठक की। चुनाव से पहले हुई इस बैठक में ममता बनर्जी ने साफ संदेश दिया कि भाजपा की रणनीति बंगाल में नहीं चलेगी। यह बैठक मुख्यमंत्री के कालीघाट स्थित आवास पर हुई, जिसमें आगामी चुनावों को लेकर संगठनात्मक तैयारियों और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि इस बार का चुनाव बेहद अहम है और इसे केवल राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि “अन्याय के खिलाफ लड़ाई” के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने BLA-2 और पार्षदों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले कुछ दिनों में संघर्ष और तेज करना होगा। ममता ने निर्देश दिया कि पार्टी कार्यकर्ता हर दिन घर-घर जाकर संपर्क करें और मतदाता सूची की बारीकी से जांच करें।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के वार्ड नंबर 63 और 72 पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें उन सभी लोगों की सूची चाहिए, जिन्हें “लॉजिकल गड़बड़ी” के नाम पर सुनवाई के लिए बुलाया गया है और जिनके नाम अंतिम वोटर लिस्ट से बाहर हो सकते हैं।
बैठक में वार्ड नंबर 77 का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि यह माइनॉरिटी बहुल इलाका है और यहां जानबूझकर कई मतदाताओं के नाम अंतिम सूची से हटाए जा रहे हैं। ममता बनर्जी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और संबंधित नेताओं से पूरी सतर्कता बरतने को कहा।
मुख्यमंत्री ने भवानीपुर क्षेत्र के पार्षदों और BLA-2 को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि फाइनल वोटर लिस्ट से एक भी वैध मतदाता का नाम न हटे। उन्होंने सभी को चौकन्ना रहने और हर स्तर पर निगरानी रखने का संदेश दिया।
तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, “SCRUTINY के नाम पर BJP और चुनाव आयोग मिलकर बंगाल के वोटरों को परेशान कर रहे हैं। यह एक सोची-समझी रणनीति है, ताकि हमें हराया जा सके। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि लोगों का समर्थन BJP के साथ नहीं है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह चाहे जितनी भी रणनीति अपनाएं, अंत में जीत ममता बनर्जी की ही होगी।”