नरेंद्रपुर थानांतर्गत आनंदपुर का नजीराबाद अब सोशल मीडिया पर 'वायरल' हो चुका है। राख का ढेर, जला हुआ गोदाम, मांस के सड़ने की बदबू और राख के नीचे से निकलते हड्डियों के ढांचे...यह सब कुछ ही अब हॉट कॉन्टेंट है। उसी आनंदपुर में जुलूस निकालने की अनुमति मांगते हुए विधानसभा में विरोधी पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) में अपील की है। भाजपा ने शुरुआत में ही आरोप लगाया था कि आनंदपुर की विध्वंसी अग्निकांड के पीछे निगरानी का अभाव था।
अब गुरुवार को आनंदपुर में ही जुलूस निकालना चाहते हैं शुभेंदु अधिकारी। बता दें, आनंदपुर में फिलहाल भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू कर दी गयी है।
शुभेंदु अधिकारी ने आज गुरुवार को गड़िया के शीतला मंदिर इलाके से नरेंद्रपुर थाना तक जुलूस निकालने और थाना घेराव अभियान का आह्वान किया है। थाना घेराव करने के साथ ही वह अग्निकांड में जलकर राख हो चुके इलाके का दौरा भी करने वाले हैं। हालांकि पुलिस ने उनको इसकी अनुमति नहीं दी है। इसलिए अब शुभेंदु अधिकारी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। न्यायाधीश शुभ्रा घोष की खंडपीठ में उन्होंने आवेदन किया है। बताया जाता है कि दोपहर 2 बजे सुनवाई की संभावना है।
गौरतलब है कि नरेंद्रपुर थाना क्षेत्र के आनंदपुर के नजीराबाद में गत 25 जनवरी की रात को डेकोरेटर्स और मोमो बनाने की फैक्ट्री में भीषण आग लग गयी। अभी तक इस घटना में 21 लोगों के देहांश मिलने की जानकारी मिली है। मृतकों की पहचान के लिए DNA मैपिंग की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। बुधवार की सुबह से इलाके में पुलिस के साथ-साथ आम लोगों की आवाजाही भी काफी बढ़ गयी है।
जलकर बर्बाद हो चुका लाक्षागृह अब किसी पर्यटन स्थल से कम नहीं है। कोई कैमरा लेकर व्लॉग बनाने पहुंच रहा है तो कोई जले हुए गोदाम को बैकग्राउंड बनाकर सेल्फी ले रहा है। हवा में अभी तक मांस के जलने और लाशों की दुर्गंध फैली हुई है। काले राख के ढेर पर अगर नजर डाली जाए और कहीं कोई हड्डी दिख जाती है तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। नजीराबाद अब सोशल मीडिया पर 'वायरल' है और 'कॉन्टेंट' बन चुका है। इस वजह से ही हारकर पुलिस धारा 163 को बलपूर्वक लागू करना चाहती है।