कोलकाताः हवाई हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मौत हो गई। भारत के सिविल एविएशन निदेशालय (DGCA) ने इस हादसे की जाँच शुरू कर दी है। इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हादसे की पूरी जाँच की मांग की है। बुधवार को हुगली में एक कार्यक्रम में जाने से पहले ममता ने कहा, 'मैं चाहती हूं कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस हादसे की सटीक जाँच हो।'
अजित पवार के निधन पर देश के विशिष्ट राजनीतिज्ञों ने शोक व्यक्त किया। इस दिन सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री की मृत्यु की खबर पाकर ममता ने पहले ही एक्स हैंड में शोक व्यक्त किया। हालांकि दुर्घटना की जांच के संदर्भ में ममता ने कहा, 'हमारा केवल सर्वोच्च न्यायालय पर भरोसा है। किसी अन्य जांच एजेंसी पर भरोसा नहीं है। सभी केंद्रीय एजेंसियां बिक गई हैं।'
महाराष्ट्र की राजनीति में जटिलता 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद से उत्पन्न हुई है। एक ओर शिवसेना टूटकर दो हिस्सों में बँट गई। दूसरी ओर, काका शरद पवार पर भरोसा किए बिना, अलग एनसीपी (अजित गुट) बनाकर अजित पवार भाजपा के गठबंधन सरकार के साथ हाथ मिला लिए। दो दिन पहले ही शिवसेना नेता (उद्धव गुट) संजय राउत की एक टिप्पणी ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई अटकलें पैदा कर दी। संजय का संकेत है कि अजित फिर से 'महा विकास अघाड़ी' शिविर में वापस आना चाह रहे हैं। इसी संदर्भ में ममता ने उस दिन कहा, 'कुछ दिन पहले मैंने सोशल मीडिया से जाना कि अजित पवार भाजपा शिविर छोड़ना चाहते थे।... आज वह शायद विपक्षी शिविर में हैं, लेकिन भविष्य में पुराने शिविर में लौट सकते हैं।'
अजित पॉवर की मृत्यु की खबर के बाद ही एनसीपी (शरद पवार समूह) की अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने व्हाट्सऐप स्टेटस पर सिर्फ एक शब्द साझा किया, 'विपरीत'।
दूसरी ओर शिवसेना (उद्धव समूह) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'हमारे बीच राजनीतिक मतभेद थे, लेकिन यह घटना बहुत ही दर्दनाक है। हमने एक साथ काम किया। लोगों के लिए काम के प्रति वे प्रतिबद्ध थे।'