कोलकाता : चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार 8,505 ग्रुप-बी कर्मचारियों का बायोडाटा राज्य सरकार भेजना शुरू कर चुकी है। हालांकि इस सूची को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय में सवाल उठे हैं। दिल्ली से बुधवार रात सीईओ मनोज अग्रवाल राज्य लौटे हैं इसलिए उसी दिन नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जा सके। आज गुरुवार से ये नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
अदालत के निर्देश का पालन करते हुए इन ग्रुप-बी कर्मचारियों में से कई ने बुधवार को जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में उपस्थित होकर हाजिरी भी लगाई लेकिन उन्हें क्या कार्य करना है यह अब तक स्पष्ट नहीं है। आयोग की नई समय-सारिणी के अनुसार शनिवार को ही सुनवाई की प्रक्रिया समाप्त हो रही है। 21 फरवरी तक स्क्रूटिनी (जांच) पूरी करनी होगी।
इधर राज्य में आगामी चुनाव के मद्देनजर कोलकाता और आसपास के जिलों की 78 निजी आवासीय सोसाइटियों व बहुमंजिला इमारतों में अलग बूथ बनाने का प्रस्ताव सीईओ कार्यालय दे रहा है। उत्तर और दक्षिण कोलकाता के अलावा उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली और पूर्व बर्दवान से भी ऐसे प्रस्ताव आए हैं। प्रत्येक स्थान पर न्यूनतम 400 से 1000 मतदाता हैं। 25 फरवरी को इस विषय की समीक्षा कर सीईओ कार्यालय अंतिम निर्णय लेगा जिसके बाद प्रस्ताव चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
राज्य में इस समय कुल 80,681 मतदान केंद्र (बूथ) हैं। आयोग प्रत्येक बूथ पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं रखना चाहता। इस अनुपात से राज्य में बूथों की संख्या 94 हजार तक पहुंच सकती है। हालांकि ‘SIR’ प्रक्रिया के तहत मसौदा मतदाता सूची से 58 लाख नाम हटाए गए हैं। अंतिम सूची में और नाम हटने पर बूथों की संख्या कम होने की संभावना जताई जा रही है।