कोलकाता : बैंडेल डॉन बॉस्को से स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद मगरा के एक निजी कॉलेज से बीटेक किया। अब दूर असम स्थित आईआईटी गुवाहाटी में एमटेक (MTech) कर रहा है बेटा लेकिन इससे क्या? परिवार सरकारी योजना का लाभ छोड़ने को तैयार नहीं है। मंगलवार को चुंचुरा महकमा शासक कार्यालय में आईआईटी में पढ़ रहे बेटे के लिए ‘युवा साथी’ योजना का फॉर्म लेते हुए बुजुर्ग पिता को देखा गया।
चुंचुरा के रथतला इलाके के निवासी आलोक मुखोपाध्याय ने अपने बेटे अर्णब मुखोपाध्याय के लिए फॉर्म लिया। अर्णब की पढ़ाई 2027 में पूरी होने की संभावना है। आलोक स्वयं भी एक अर्ध-सरकारी संस्था के पूर्व कर्मचारी रह चुके हैं।
आलोक ने कहा कि बेटे की पढ़ाई में काफी खर्च होता है। ‘युवा साथी’ योजना से आर्थिक सहायता मिले तो उन खर्चों को संभालने में सुविधा होगी। इसके अलावा आगे नौकरी की परीक्षाओं की तैयारी के दौरान भी यह कार्ड काम आएगा। इसलिए बेटे से बात करके लाइन में खड़े होकर फॉर्म लिया।
चुंचुरा नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 के तृणमूल कांग्रेस पार्षद झंटू विश्वास ने कहा कि यह योजना सभी के लिए है। माध्यमिक परीक्षा पास करते ही इसका लाभ लिया जा सकता है। उच्च शिक्षित युवक-युवतियों को नौकरी मिलने तक यह भत्ता उनके हाथखर्च में सहारा देगा।