हुगलीः बालागढ़ में SIR प्रक्रिया को लेकर TMC और BJP के बीच तनाव बढ़ गया। तृणमूल ने आरोप लगाया कि BJP बालागढ़ में वैध वोटरों के नाम हटाने के लिए हजारों फॉर्म नंबर सात जमा कर रही है, जबकि BJP ने तृणमूल पर आरोप लगाया कि वे वोटरों के नाम लिस्ट से हटा रहे हैं।
इस मुद्दे के चलते बालागढ़ BDO ऑफिस के सामने दोनों पार्टी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। भाजपा ने मुख्यमंत्री का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। इसी बीच भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प भी हुई। भाजपा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने एक बीमार भाजपा कार्यकर्ता को अस्पताल ले जा रही गाड़ी को रास्ते में रोक दिया। तृणमूल ने इस आरोप को खारिज किया।
घटना की सूचना मिलते ही बालागढ़ पुलिस स्टेशन से बड़ी पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और हालात को काबू में किया। बीमार भाजपा कार्यकर्ता सुजय विश्वास को जिरत हॉस्पिटल से चुंचुड़ा इमामबाड़ा हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया।
भाजपा नेता सुरेश साव ने आरोप लगाया कि तृणमूल नेत्री रूना खातून ने बीमार कार्यकर्ता पर हमला किया। उस समय भाजपा के MLA अंबिका रॉय भी वहां से गुजर रहे थे। झमेला देखकर वह भी वहां रुक गये। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस तृणमूल के गुंडों को सड़क पर लाकर भाजपा के वर्करों पर हमला करवा रही है। हमें यहां राष्ट्रपति शासन में चुनाव कराने होंगे।
वहीं, तृणमूल नेता रूना खातून ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता यहां कोई आंदोलन करने नहीं आए थे। वे BDO ऑफिस में हंगामा करने आए थे। हम लोगों की मदद के लिए धरने पर बैठे हैं। हमारे पास अनुमति भी थी, लेकिन भाजपा के पास कोई अनुमति नहीं थी।"
दोनों पार्टी के कार्यकर्ता BDO ऑफिस के दोनों गेट पर नारे लगाते रहे और सड़क पर उतरकर प्रोटेस्ट किया। इस दौरान पुलिस ने हालात संभाले और सुनवाई जारी रही।