सिंगूर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 18 जनवरी को सिंगूर में एक सभा करेंगे। यह सभा उसी जमीन पर होगी, जहां पहले टाटा की कार फैक्ट्री बनने वाली थी। इसको लेकर स्थानीय किसानों में असंतोष है। गोपालनगर ग्राम पंचायत के रूपनारायणपुर गांव के कई किसान आरोप लगा रहे हैं कि इस मीटिंग के लिए उनकी जमीन पर बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि कुल 26 जमीन मालिकों से अनुमति नहीं ली गई। एक किसान ने कहा, 'प्रधानमंत्री आ रहे हैं, इसमें कोई एतराज नहीं है, लेकिन जोरदार आंदोलन के बाद हमें हमारी जमीन वापस मिली है। उन सभी किसानों से परमिशन लेनी चाहिए थी।'
किसान मोहित कुमार कोले ने कहा, 'इस घटना से हमारी बहुत बेइज्जती हुई है। हम किसान हैं। हमारी इज्जत है। BJP के किसी नेता ने हमसे कोई बात नहीं की। अगर उन्होंने ऐसा कहा है कि परमिशन ली गई, तो वह सही नहीं है।'
वहीं हुगली ऑर्गेनाइज़ेशनल डिस्ट्रिक्ट BJP के वाइस-प्रेसिडेंट स्वराज घोष ने कहा, 'यहां सभी से NOC ली गई है। दो-चार लोग ऑब्जेक्शन कर सकते हैं। हमने उनसे बात की है। यह शिकायत किसानों के जरिए की जा रही है। यह जमीनी स्तर की साजिश है।'
दूसरी ओर, सिंगूर के MLA बेचाराम मन्ना ने कहा, 'कुल 26 जमीन मालिकों ने लिखित शिकायत की है। वहां सारी तैयारियां उनकी मंजूरी के बिना हो रही हैं। यह बिल्कुल गलत है। देश के प्रधानमंत्री ने संविधान की शपथ ली है, उन्हें कानून का पालन करना चाहिए।'
इस विवाद ने सिंगूर दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर बहस और चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि किसानों का कहना है कि उनकी सहमति के बिना कार्यक्रम आयोजित करना उनके अधिकारों का उल्लंघन है।