अहमदाबाद: गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने बताया कि उत्तरायण पर्व के दौरान गुजरात भर में पतंग की डोर से घायल हुए कुल 5,439 पक्षियों का इलाज किया गया। राज्य सरकार की 'करुणा अभियान' पहल के तहत बुधवार को 4,937 पक्षियों को सफलतापूर्वक बचाया गया। इसके तहत घायल पक्षियों को नया जीवन देने का प्रयास किया जाता है।
सरकार ने करुणा अभियान की शुरुआत 2017 में की थी, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से उत्तरायण जैसे त्योहारों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों के दौरान पक्षियों और जानवरों की देखभाल और उपचार करना है। यह पहल चीनी मांझे के उपयोग पर रोक लगाने की जरूरत को भी रेखांकित करती है, जो स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अहमदाबाद जिले में करुणा अभियान सामाजिक वानिकी और पशुपालन विभागों तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत 96 संग्रह केंद्र, 23 प्राथमिक उपचार केंद्र और 10 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जो 24 घंटे काम करते हैं। दस्करोई रेंज के वन अधिकारी धनराज चौधरी ने बताया कि बोडकदेव स्थित वन्यजीव देखभाल केंद्र में पांच पशु बचाव वाहन और 45 डॉक्टरों की टीम उपलब्ध है। यहां 227 पक्षियों का इलाज किया गया, जिनमें 17 आइबिस, 97 कबूतर और 43 चील शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उत्तरायण के दौरान घायल पक्षियों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कम रही है, जो जन जागरूकता बढ़ने और पशु-पक्षी संरक्षण अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाता है।