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भाजपा की 'साजिश' को रोकने के लिए अभिषेक बनर्जी का उपाय - रवींद्र संगीत के साथ थोड़ा DJ भी सुना दें, मगर प्यार से...

अगर भाजपा नेताओं ने मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की तो 'रवींद्र संगीत' के साथ 'DJ' बजाकर सुना दिया जाएगा - अभिषेक बनर्जी

By Debdeep Chakraborty, Posted By : Moumita Bhattacharya

Jan 16, 2026 17:34 IST

एक ओर SIR की सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है और इसी बीच विवाद में फॉर्म-7 भी छाया हुआ है। इस फॉर्म को मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए भरा जाता है। गत मंगलवार को बांकुड़ा जिले के तालडांगरा विधानसभा केंद्र में एक भाजपा नेता की कार से हजारों की संख्या में यह फॉर्म बरामद किया गया है।

तृणमूल का दावा है कि भाजपा मतदाताओं का नाम हटाने के लिए यह 'साजिश' रच रही है। शुक्रवार को तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम मिदनापुर में सभा को संबोधित करते हुए इस मुद्दे पर एक बार फिर से भाजपा को चेताया।

उन्होंने कहा कि अगर भाजपा नेताओं ने मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की तो 'रवींद्र संगीत' के साथ 'DJ' बजाकर सुना दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सब कुछ शांतिपूर्ण तरीके से करना होगा।

शुक्रवार की सभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने यह जानना चाहा कि तृणमूल बूथ कर्मी के पर कौन काम करता है। इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर कोई भाजपा नेता ERO के पास 10 से ज्यादा फॉर्म जमा करने आते हैं तो प्यार से रवींद्र संगीत के साथ थोड़ा DJ भी बजा दें।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने SIR के 'Claims & Objections' यानी कोई मांग अथवा आपत्ति जताने की समय सीमा बढ़ा दी है। पहले इसकी समय सीमा 15 जनवरी थी जिसे गुरुवार को बढ़ाकर 19 जनवरी कर दी गई है। चुनाव आयोग के मुताबिक फॉर्म 6, 7 और 8 अब 19 जनवरी तक भरे जा सकते हैं। इसी बात को लेकर अभिषेक बनर्जी ने आशंका जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, 'आयोग ने समय सीमा इसलिए बढ़ाया है क्योंकि भाजपा नेता निर्धारित समय सीमा के अंदर फॉर्म-7 जमा नहीं कर पाए।'

डायमंड हार्बर से तृणमूल सांसद ने तृणमूल कार्यकर्ताओं को खास निर्देश दिए। उन्होंने कहा, '16, 17, 18, 19 तारीख को ERO ऑफिस के बाहर कैंप है। हमारे प्रतिनिधि वहां हैं। अगर कोई छोटा-मध्यम-बड़ा नेता या उनके कार्यकर्ता मतदाताओं का नाम हटवाने जाते हैं तो अच्छी तरह से DJ बजा दें। लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से। थोड़ा सा रवींद्र संगीत भी बजा देंगे। अगर गैर-कानूनी काम करते हैं तो BJP नेता के घर का घेराव करें। वास्तव में बंगाल के लोगों का मतधिकार छीनने की साजिश रची जा रही है। ये वोट भी नहीं देने देंगे।'

अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को भी अपनी सभा में ऐसे 3 मतदाताओं को पेश किया जिन्हें मतदाता सूची के मसौदा में मृत बताया गया है। विजय माली और मंगली मंडी नामक दो मतदाताओं को लाया गया था। चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, "ज्ञानेश कुमार (मुख्य चुनाव आयुक्त) के लिए बंगाल में एक परियोजना शुरू करनी चाहिए। मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चलाए जाने वाले इस परियोजना का नाम छानीश्री (बांग्ला में मोतियाबिंद को 'छानी पड़ना' कहा जाता है) होना चाहिए। वे जीवित मतदाताओं को नहीं देख पा रहे हैं।"

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