ओडिशा में ज्वेल शेख के बाद अब तमिलनाडु में अमई माझी (28)! चेन्नई में बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के एक प्रवासी मजदूर की कथित तौर पर अज्ञात बदमाशों द्वारा हत्या कर देने का मामल सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक अमई काम के सिलसिले में चेन्नई में रहता था। सोमवार शाम को काम से घर लौटते समय हमलावरों ने उसके सिर पर वार किया। वह तुरंत वहीं गिर पड़ा। स्थानीय लोग अमई को अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि मुर्शिदाबाद के सुती पुलिस स्टेशन के तहत गंभीरा गांव का रहने वाला अमई माझी पिछले साल अक्टूबर में चेन्नई गया था। वहां वह तांब्रम पुलिस स्टेशन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में राजमिस्त्री का काम करता था। सोमवार की शाम को काम के बाद मोटरसाइकिल से घर लौटते समय बदमाशों ने अचानक उसके सिर पर वार कर दिया। अमई लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। आस-पास के लोग उसे उठाकर अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने अमई को मृत घोषित कर दिया।
सोमवार की रात को ही अमई की मौत की खबर मुर्शिदाबाद में उसके घर पहुंची। अमई अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। परिवार का दावा है कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि सोच-समझकर उसकी हत्या की गयी है। अमई अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है। मृतक की चाची माधवी माझी का कहना है कि पुलिस को जांच करनी चाहिए और पता लगाना चाहिए कि इस हत्या के पीछे कौन है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को चेन्नई के एक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद अमई का शव मुर्शिदाबाद वापस लाया जाएगा।
सुती के तृणमूल विधायक इमानी विश्वास ने अमई के परिवार के साथ खड़े होने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा, 'राज्य सरकार और तृणमूल हर तरह से परिवार के साथ खड़ी है।' अमई के घर हरवा की तृणमूल पंचायत प्रधान राखी रविदास के पति और प्रधान के प्रतिनिधि संजय रविदास अमई के घर गए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि बांग्लादेशी होने के शक में उसकी हत्या कर दी गई क्योंकि वह बांग्ला भाषा में बात करता था।
गौरतलब है कि इससे पहले ओडिशा में सुती का ही रहने वाले एक व्यक्ति की बांग्लादेशी होने के शक में पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया था। इसे लेकर पूरे जिले में हंगामा मच गया था। घटना के बाद राज्य सरकार ने ज्वेल की मां को भूमि व भूमि लैंड एंड भू राजस्व विभाग में नौकरी दी थी। कांग्रेस ऑल इंडिया वर्किंग कमेटी के सदस्य और बहरमपुर से पूर्व सांसद अधीर चौधरी भी ओडिशा पहुंचे। मुर्शिदाबाद के स्थानीय निवासी भी एक के बाद एक ऐसी घटनाओं से परेशान हैं।