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निपा वायरस संक्रमितों के संपर्क में आए 120 लोग क्वारंटाइन में भेजे गए, क्या है लक्षण और बचाव के उपाय?

अगर कोई व्यक्ति निपा वायरस से संक्रमित होता है तो वह 7 से 10 दिनों के अंदर कोमा में जा सकता है। फिर धीरे-धीरे मस्तिष्क काम करना बंद कर देता है और ...

By Moumita Bhattacharya

Jan 13, 2026 18:42 IST

राज्य में निपा संक्रमितों (Nipah Virus) के पाए जाने के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा गया है। दोनों संक्रमित नर्स के संपर्क में कौन-कौन आए थे, इसकी जांच सोमवार को ही शुरू हो गयी थी। मंगलवार को पता चला है कि दोनों नर्सों के संपर्क में करीब 120 लोग आए थे।

सूत्रों के हवाले से बताया जाता है कि कटवा में घर, नदिया में घर, कटवा महकमा अस्पताल, बर्धमान मेडिकल कॉलेज व बारासात में निजी अस्पताल को मिलाकर कुल 120 ऐसे लोग हैं जो दोनों नर्स के संपर्क में आए थे। बताया जाता है कि उन सभी 120 लोगों को 3 सप्ताह के लिए क्वारंटाइन में भेज दिया गया है।

इसके साथ ही निपा आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए उनके रक्त, मूत्र, स्वैब और स्नायूरस का नमूना भी लिया गया है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन 120 लोगों के अलावा और किसी के संपर्क में तो दोनों नहीं आए थे!

कितना खतरनाक है यह वायरस?

निपा वायरस कितना खतरनाक है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इससे संक्रमित 40 से 75 प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती है। सबसे ज्यादा डरावनी बात यह है कि निपा वायरस का न तो कोई निश्चित इलाज है, न ही कोई वैक्सिन और न ही दवाई। अगर कोई व्यक्ति निपा वायरस से संक्रमित होता है तो वह 7 से 10 दिनों के अंदर कोमा में जा सकता है। फिर धीरे-धीरे मस्तिष्क काम करना बंद कर देता है और श्वसन तंत्र भी लगभग बंद पड़ जाता है।

क्या है लक्षण?

निपा वायरस से संक्रमित होने के शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिर दर्द, खांसी, गले में खराश, उल्टी आना, डाइरिया और नसों में खिंचाव का होना आदि शामिल है। निपा वायरस का संक्रमण बढ़ने से श्वसन तंत्र काम करना बंद कर देता है, इस वजह से सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी और कोमा में जाने का खतरा भी बना रहता है।

कैसे फैलता है?

निपा वायरस कुछ खास तरह के पशुओं से फैलता है। लेकिन ध्यान रहे, यह पशुओं का मांस खाने यानी मांस के माध्यम से नहीं बल्कि उनकी थूक, शरीर से निकलने वाले किसी भी तरल पदार्थ, संक्रमित भोजन अथवा पेय पदार्थों के माध्यम से फैलता है। निपा वायरस मुख्य रूप से चमगादड़, सुअर, बिल्ली, कुत्ता आदि के थूक, मल-मूत्र आदि के माध्यम से फैलता है।

कैसे करें बचाव?

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार से सब्जी खरीदते समय यह अच्छी तरह से परख लें कि कहीं उसमें चमगादड़ के काटने का कोई निशान तो नहीं है। सुबह के समय में खजूर के ताजे रस का सेवन करने से परहेज करें। कोई भी ऐसा फल या सब्जी न खरीदें और न ही खाए जिस पर किसी भी पशु या चमगादड़ आदि के काटने का कोई निशान बना हो। सार्वजनिक स्थानों पर जाते समय N95 मास्क का इस्तेमाल करें। बाहर का खाना खाने से बचने की सलाह विशेषज्ञ दे रहे हैं।

राज्य और केंद्र सरकार की चेतावनी

बंगाल में निपा वायरस का संक्रमण पाए जाने के बाद केंद्र सरकार की नेशनल सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोलर की ओर से एक विज्ञप्ति जारी की गयी है। इसके साथ ही नेशनल ज्वाएंट आउटब्रेक रेस्पॉन्स टीम का गठन भी किया गया है। वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर यह टीम काम कर रही है। इस टीम में कल्याणी और भुवनेश्वर AIIMS, पुणे NIV के 5 डॉक्टरों को भी शामिल किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर इस बाबत बात भी की है।

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