मुंबई : शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर कड़ा हमला किया है। फडणवीस ने ठाकरे भाइयों को लेकर कहा था कि उनका “अस्तित्व खतरे में है।” इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री को दूसरों की चिंता करने के बजाय अपनी चिंता करनी चाहिए।
राउत ने कहा कि ठाकरे परिवार अपने खिलाफ किसी भी तरह के खतरे से निपटने में सक्षम है। उन्होंने यह भी कहा कि फडणवीस द्वारा यह सवाल उठाना कि ठाकरे भाइयों ने मराठी ‘मानुष’ के लिए क्या काम किया, दरअसल यह शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे को चुनौती देने जैसा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने साफ कहा कि ठाकरे परिवार और शिवसेना मराठी लोगों के मुद्दों को लेकर हमेशा खड़े रहे हैं और इस पर सवाल उठाना गलत है।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार संजय राउत ने कहा कि देवेंद्र भाऊ हमारी चिंता मत कीजिए। ठाकरे परिवार अपने खिलाफ खतरों को संभालने में सक्षम है। हम आप जैसे डरपोक नहीं हैं। हम चुनाव जीतने के लिए झूठी वोटर लिस्ट नहीं बनाते। हम पैसे नहीं बांटते जैसा आप करते हैं। आप अपनी ही चिंता कीजिए।
यूबीटी शिवसेना सांसद ने फडणवीस की आलोचना करते हुए कहा कि 'सन ऑफ द सॉयल' का मुद्दा महाराष्ट्र में पिछले 60 सालों से प्रासंगिक रहा है। राउत ने आगे कहा कि यदि बीजेपी होती तो किसी को भी उसकी परवाह नहीं होती, बाल ठाकरे ने पार्टी को बढ़ावा दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मराठी ‘मानुष’ खतरे में है और इसका कारण बीजेपी है।
राउत ने कहा यह मुद्दा महाराष्ट्र में पिछले 60 वर्षों से चल रहा है। यह ठाकरे भाइयों को नहीं है, वह हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे को चुनौती दे रहे हैं। बालासाहेब ने आपकी पार्टी को बढ़ावा दिया और आप उन्हें चुनौती दे रहे हैं? अन्यथा किसी ने आपकी परवाह नहीं की होती। आपके पास मुंबई और महाराष्ट्र में दो लोग भी नहीं थे जिनके पोस्टर लगाए जा सकें। अगर मराठी मानुष खतरे में है, तो उसकी वजह बीजेपी है। इसलिए हमारी सीधी लड़ाई बीजेपी से है।
इसके पहले फडणवीस और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई के शिवाजी पार्क में एक संयुक्त रैली की। जिसमें ठाकरे भाइयों पर तीखा हमला किया। मुख्यमंत्री ने ठाकरे भाइयों से पिछले कुछ दशकों में मराठी 'मानुष' के लिए उनके काम के बारे में सवाल किया।
फडणवीस ने कहा कि अगर मराठी मानुष खतरे में है, तो आप पिछले 30 सालों में क्या कर रहे थे?
उन्होंने यह भी कहा कि खतरा मराठी मानुष पर नहीं, बल्कि ठाकरे भाइयों पर है। फडणवीस ने यह भी कहा कि नया बीएमसी मेयर महायुति से होगा, हिंदू होगा और मराठी होगा।
फडणवीस ने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि महाराष्ट्र किसी एक समूह या परिवार का नहीं है बल्कि यह सभी मराठी लोगों का राज्य है। मराठी मानुष का अस्तित्व खतरे में नहीं है। खतरे में आप हैं। मैं यह फिर से कहना चाहता हूं कि आप पूरे महाराष्ट्र नहीं हैं। आप यहां अकेले मराठी नहीं हैं। मैं दोहराना चाहता हूं कि केवल मराठी व्यक्ति ही बीएमसी के मामलों का नेतृत्व करेगा।
मुंबई नगर निगम चुनाव सहित राज्य की 20 से अधिक नगरपालिकाओं के चुनाव 15 जनवरी को होंगे, जबकि नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे।