निज़ामाबाद (तेलंगाना): तेलंगाना कांग्रेस के एमएलसी बोम्मा महेश कुमार गौड़ ने सोमवार को बीजेपी पर राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक और जातिगत पहचान के कथित इस्तेमाल को लेकर तीखा हमला बोला।
निज़ामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस एमएलसी ने सवाल उठाया कि क्या भगवान राम बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा., “बीजेपी जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करती है। हर चुनाव से पहले बीजेपी जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय धर्म के नाम पर वोट माँगकर शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करती है। मतदाताओं को विभाजनकारी राजनीति को नकारना चाहिए और विकासोन्मुख शासन का समर्थन करना चाहिए।”
ये टिप्पणियाँ कांग्रेस प्रवक्ता सामा राम मोहन रेड्डी द्वारा बीजेपी सांसद धर्मपुरी अरविंद की आलोचना के बाद आई हैं। रेड्डी ने निज़ामाबाद का नाम बदलकर ‘इंदूर’ करने के प्रस्ताव को “उकसाने वाला” और “सांप्रदायिक” बताया।
ANI से बात करते हुए रेड्डी ने आरोप लगाया कि अरविंद अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास में विफलता से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं और कहा कि वे निज़ामाबाद के लिए “एक पैसा भी” नहीं ला सके। ये सभी बयान उकसाने वाले हैं। वे सांप्रदायिक राजनीति का सहारा ले रहे हैं… धर्मपुरी अरविंद को अधर्मपुरी अरविंद कहा जाना चाहिए, जो अपने ही संसदीय क्षेत्र के लिए एक पैसा भी नहीं ला सके… उन सभी वादों से बचने के लिए वे ऐसी गंदी राजनीति का सहारा ले रहे हैं।”
इससे पहले, निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी अरविंद ने हाल ही में कहा था कि बीजेपी सत्ता में आने पर जिले का नाम बदलेगी। उनका तर्क था कि निज़ाम काल से जुड़े नाम एक दर्दनाक अतीत को दर्शाते हैं। ऐसे नाम दमन और पीड़ा के प्रतीक हैं और सांस्कृतिक गौरव व राष्ट्रवादी पहचान को दर्शाने के लिए इन्हें बदला जाना चाहिए।
इस बयान का समर्थन करते हुए तेलंगाना बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव ने कहा कि हमारे निज़ामाबाद के सांसद ने बयान दिया है कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो हम निज़ामाबाद का नाम बदलकर इंदूर करेंगे। बीजेपी उनके साथ है।”