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लुधियाना फायरिंग केस के तीन आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

कपड़ों की दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग के बाद पुलिस की घेराबंदी, दो बदमाश घायल।

By श्वेता सिंह

Jan 12, 2026 18:18 IST

लुधियाना: पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में कपड़ों की एक दुकान पर हुई फायरिंग की घटना के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से दो कुख्यात रोहित गोदारा गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिससे इस वारदात के पीछे संगठित अपराध के संकेत मिलते हैं।

यह घटना पिछले सप्ताह सोमवार रात की है, जब मोटरसाइकिल सवार तीन नकाबपोश युवकों ने एक कपड़ों की दुकान पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं।पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय दुकान बंद थी, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस तभी से आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

पुलिस को जब आरोपियों की गतिविधियों के बारे में इनपुट मिला, तो लाडियां-जस्सियां इलाके में नाकाबंदी की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) केएस चहल के अनुसार, जस्सियां के एक सरकारी स्कूल के पास नाका तोड़ने की कोशिश करते हुए आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। खुद को घिरा देख बदमाशों ने भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की।

संक्षिप्त मुठभेड़ के दौरान सुमित कुमार और संजू को गोली लगी और दोनों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। तीसरे आरोपी को जिसकी पहचान सुमित उर्फ अल्ट्रॉन उर्फ टुंडा के रूप में हुई है, मौके पर ही दबोच लिया गया। पुलिस का कहना है कि घायल आरोपियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो .32 बोर पिस्तौल, मैगजीन, चार जिंदा कारतूस और बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बिना नंबर की बाइक का इस्तेमाल अपराध को अंजाम देने और पहचान छिपाने के इरादे से किया गया था।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस फायरिंग के पीछे मकसद क्या था। क्या यह फिरौती, धमकी या गैंग वर्चस्व से जुड़ा मामला है। रोहित गोदारा गैंग से कथित संबंध सामने आने के बाद पुलिस इस केस को राज्य में सक्रिय गैंग नेटवर्क से जोड़कर देख रही है।

पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ उनके संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई को शहर में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्त रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

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