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22 साल बाद मां-बेटे का मिलन, एसआईआर बना उम्मीद की किरण

करीब दो दशकों बाद बेटे को इस तरह पाकर मां रामकन्या बाई बेहद खुश हैं।

By रिनिका रॉय चौधुरी, Posted by: प्रियंका कानू

Jan 11, 2026 12:22 IST

भोपाल: ‘एसआईआर’ को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज है। देश के अलग-अलग हिस्सों से इसे लेकर कई तरह के आरोप भी सामने आ रहे हैं। हालांकि इसी ‘एसआईआर’ की बदौलत मध्य प्रदेश की एक महिला को 22 साल बाद अपना बेटा वापस मिल गया। करीब दो दशकों बाद बेटे को इस तरह गले लगाकर मां रामकन्या बाई की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

आखिर क्या था पूरा मामला?

साल था 2003, किसी वजह से मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले का रहने वाला विनोद अचानक घर छोड़कर चला गया। इसके बाद रामकन्या बाई ने अपने बेटे की बहुत तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान विनोद के पिता का भी निधन हो गया। इसके बावजूद रामकन्या बाई ने उम्मीद नहीं छोड़ी। हाल ही में एसआईआर के तहत, काम के दौरान राजस्थान के नागौर इलाके से एक व्यक्ति ने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए अपने माता-पिता के वोटर आईडी नंबर की तलाश शुरू की। यह जानकारी मिलते ही रामकन्या बाई तुरंत पुलिस के पास पहुंचीं।

रामकन्या बाई की शिकायत के बाद मंदसौर जिले की पुलिस ने जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि पुलिस ने विनोद को ढूंढकर उसे मंदसौर थाने बुलाया। जब विनोद थाने पहुंचा, तो उसकी मां को भी वहां बुलाया गया। 22 साल बाद मां-बेटे ने एक-दूसरे को देखा और दोनों फूट-फूटकर रो पड़े। बताया गया है कि फिलहाल 45 वर्षीय विनोद 2003 में एक युवती के साथ घर से भागकर शादी कर चुका था। इसके बाद वह राजस्थान के नागौर में बस गया। शुरुआत में उसने मजदूरी की लेकिन अब वह वहां एक स्कूल में चपरासी के तौर पर काम करता है। उसके दो बच्चे भी हैं।

बेटे के मिलने के बाद बुज़ुर्ग मां रामकन्या बाई ने पुलिस का आभार जताया। वहीं अपनी गलती का एहसास होने पर विनोद भी भावुक हो गया। उसने कहा कि अगर मां राज़ी हों, तो वह उन्हें राजस्थान अपने साथ ले जाकर रखना चाहता है। मां को गले लगाकर उसने कहा, “अब से मैं आपका खयाल रखूंगा।”

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