रविवार को डायमंड हार्बर के तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी फलता विधानसभा के हरिणडांगा इलाके में बीडीओ ऑफिस के मैदान में सेवाश्रय-2 शिविर का दौरा करने पहुंचे। वहां उन्होंने न सिर्फ डॉक्टरों से बात की बल्कि अपना इलाज करवाने आए लोगों से भी मिले। सेवाश्रय-2 शिविर में जाते समय रास्ते के दोनों तरफ बड़ी संख्या में लोग सांसद की एक झलक देखने के लिए खड़े थे। जैसे ही अभिषेक बनर्जी की गाड़ी वहां पहुंची, लोगों का उत्साह देखने लायक था।
वृद्ध जहां हाथ हिलाकर अभिषेक बनर्जी का अभिवादन कर रहे थे वहीं युवा मोबाइल लेकर तैयार खड़े थे...कोई सेल्फी लेना चाहता था तो कोई अभिषेक बनर्जी की तस्वीर करीब से कैद करना चाहता था। रास्ते में इतने लोगों की भीड़ को देखकर अभिषेक बनर्जी भी गाड़ी का दरवाजा खोलकर खड़े हो गए और लोगों का अभिवादन स्वीकार करने लगे। लेकिन थोड़ी देर बाद लोगों की भीड़ जब ज्यादा होने लगी तो वह गाड़ी से नीचे उतर पड़े।
लोगों से मिलते, उनसे हाथ मिलाते हुए सांसद सेवाश्रय 2 शिविर की ओर बढ़ ही रहे थे कि भीड़ में किसी को देखकर वह रुक गए। भीड़ में हरे रंग की साड़ी पहनकर एक वृद्धा भी खड़ी थी जिन्हें देखने से ही पता चल रहा था कि वह बीमार हैं। कमजोर शरीर और चेहरे पर थकान। भीड़ के बीच में वृद्धा को देखकर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी रुक गए।
पुलिस को बुलाया और कहा कि उन्हें (वृद्धा को) गाड़ी में बैठाकर ही ले जाया जाए। इसके बाद उन्होंने खुद आगे बढ़कर वृद्धा को गाड़ी में बैठाया। वृद्धा को गाड़ी में बैठाने के बाद अभिषेक बनर्जी फिर से सेवाश्रय-2 शिविर की ओर लोगों के साथ जनसंपर्क स्थापित करते हुए आगे बढ़ गए।
शिविरस्थल पर मौजूद स्वामी विवेकानंद की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद शिविर में मरीजों से बात की। सारी तैयारियों का जायजा लिया। ICU में जाकर वृद्धा से मिले जिसे गाड़ी से भेजा था। इतनी देर में वृद्धा थोड़ा बेहतर महसूस करने लगी थी। चेहरे पर एक मुस्कान लेकर उन्होंने अभिषेक बनर्जी से कहा, "सिर चकरा गया था।"
इसके बाद अभिषेक बनर्जी दूसरे मरीजों से भी मिले और डॉक्टर-नर्स से बात की। ऑर्थोपेडिक वार्ड में अपने पिता के साथ आयी एक किशोरी से मिले, उसकी समस्या पूछी और सिर पर प्यार से हाथ फेरकर बाहर निकल गए। इस बीच कुछ बच्चों से भी मिले, जिनमें चॉकलेट बांटी। कई लोग गंभीर समस्या लेकर वहां पहुंचे थे, जिनकी बात सांसद ने ध्यान से सुनी और आवश्यकतानुसार सारी व्यवस्थाएं भी की।