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भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर, सौराष्ट्र-कच्छ बन रहे आत्मनिर्भर भारत के ग्रोथ इंजनः मोदी

गुजरात बीते कुछ वर्षों में भारत ने तेज़ी से प्रगति की है, जिसमें गुजरात की अहम भूमिका रही है।

By डॉ. अभिज्ञात

Jan 11, 2026 18:44 IST

राजकोट (गुजरात): रविवार को राजकोट में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत तेज़ी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। सौराष्ट्र तथा कच्छ क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने वाले प्रमुख केंद्र बन रहे हैं।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और बीते कुछ वर्षों में भारत ने तेज़ी से प्रगति की है, जिसमें गुजरात की अहम भूमिका रही है। भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। यहां महंगाई नियंत्रण में है और वैश्विक स्तर पर भारत से अपेक्षाएँ लगातार बढ़ रही हैं।

मोदी ने पिछले 11 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत दूध उत्पादन, जेनेरिक दवाओं और वैक्सीन निर्माण में अग्रणी है। मोबाइल निर्माण में भारत दूसरे स्थान पर है, जबकि स्टार्टअप इकोसिस्टम, विमानन बाज़ार और मेट्रो नेटवर्क के मामले में भारत शीर्ष तीन देशों में शामिल है। यूपीआई दुनिया का नंबर-1 रियल-टाइम डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म बन चुका है।

उन्होंने सौराष्ट्र और कच्छ के औद्योगिक विकास की चर्चा करते हुए बताया कि राजकोट में ढाई लाख से अधिक एमएसएमई कार्यरत हैं, जहाँ स्क्रूड्राइवर से लेकर ऑटो पार्ट्स, मशीन टूल्स, लग्ज़री कार के हिस्से और यहाँ तक कि विमान, फाइटर जेट व रॉकेट के पुर्ज़े भी बनाए जाते हैं। भूकंप, सूखा, जल संकट और बिजली की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद इन क्षेत्रों ने मेहनत और ईमानदारी से अपनी तक़दीर बदली है और आज ये भारत की वृद्धि के एंकर क्षेत्र बन चुके हैं।

हरित विकास पर ज़ोर देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कच्छ में 30 गीगावॉट क्षमता वाला दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा पार्क विकसित किया जा रहा है, जो पेरिस शहर से पाँच गुना बड़ा होगा। कच्छ और जामनगर ग्रीन हाइड्रोजन के प्रमुख केंद्र बन रहे हैं तथा कच्छ में बड़े पैमाने पर बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित की जा रही है। राजनीतिक स्थिरता, नीतिगत निरंतरता और बढ़ती नव-मध्य वर्ग की क्रय शक्ति ने भारत को असीम अवसरों का केंद्र बनाया है और वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस निवेशकों को सौराष्ट्र-कच्छ में निवेश का स्पष्ट संदेश देता है।

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