अमरावती : आंध्र प्रदेश के आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार मंत्री नारा लोकेश ने श्री सिटी में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के तेज़ विकास को रेखांकित किया। जो 5 हजार करोड़ रुपये की मैन्युफैक्चरिंग सुविधा के तेज़ विकास को बढ़ावा हेता है। उन्होंने इसे राज्य के तेज़ निष्पादन और निवेशक-अनुकूल शासन का एक सशक्त उदाहरण बताया।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लोकेश ने कहा कि मई 2025 में भूमि सौंपे जाने के बाद से सिर्फ़ सात महीनों में इस परियोजना ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने इसे आंध्र प्रदेश की 'स्पीड ऑफ डूइंग बिज़नेस' का प्रदर्शन बताया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा वैश्विक गुणवत्ता मानकों को बनाए रखते हुए गति और पैमाने पर विकसित की जा रही है।
247 एकड़ में फैला यह प्लांट भारत में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की तीसरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट होगा। मंत्री के अनुसार यहां रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन और प्रमुख कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा तथा इससे हज़ारों रोज़गार सृजित होंगे।
2025 के मध्य में सौंपी गई एक ग्रीनफील्ड साइट से शुरू होकर यह परियोजना तेज़ी से निर्माण के उन्नत चरणों में पहुँच चुकी है। जिससे श्री सिटी दक्षिण भारत में कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स मैन्युफैक्चरिंग का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रही है। यह सुविधा भारत में घरेलू विनिर्माण के विस्तार और सप्लाई-चेन एकीकरण को मज़बूत करने की एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की रणनीति का भी हिस्सा है।
लोकेश के अनुसार वाणिज्यिक उत्पादन 2026 के अंत तक शुरू होने की योजना है, जबकि बाज़ार की मांग और रोज़गार सृजन के अनुरूप क्षमता वृद्धि के लिए चरणबद्ध विस्तार 2029 तक जारी रहेगा।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश सरकार ने बताया कि समय पर भूमि आवंटन, समन्वित स्वीकृतियों और कंपनी के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से इस परियोजना को समर्थन दिया गया। इस सुविधा से श्री सिटी के आसपास स्थानीय विक्रेता और सप्लायर इकोसिस्टम के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
बड़े वैश्विक निवेशों के तेज़ी मंज़ूरी से क्रियान्वयन तक पहुँचने के साथ, राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति को और मज़बूत कर रहा है, जिसका आधार नीति-निश्चितता, गति और रोज़गार सृजन पर फोकस है।
मई 2025 में भूमि सौंपे जाने से लेकर आज की उल्लेखनीय प्रगति तक—श्री सिटी में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की 5 हजार करोड़ रुपये की विश्वस्तरीय मैन्युफैक्चरिंग सुविधा गति और पैमाने पर आगे बढ़ रही है! उन्होंने आगे बताया कि यह परियोजना स्वीकृतियों से क्रियान्वयन तक तेज़ी से आगे बढ़ने की राज्य की क्षमता को दर्शाती है।
मई 2025 में सौंपी गई ग्रीनफील्ड भूमि से लेकर आज ज़मीनी स्तर पर तेज़ विकास तक, श्री सिटी परियोजना असाधारण गति से आगे बढ़ी है। यह सुविधा दक्षिण भारत में कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स मैन्युफैक्चरिंग का एक प्रमुख केंद्र बन रही है और साथ ही भारत में घरेलू उत्पादन व सप्लाई-चेन एकीकरण को गहरा करने की एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की व्यापक रणनीति का समर्थन कर रही है।
मंत्री की एक्स पोस्ट के अनुसार श्री सिटी सुविधा में वाणिज्यिक उत्पादन 2026 के अंत तक शुरू होने की योजना है जबकि चरणबद्ध विस्तार 2029 तक जारी रहेगा। इस चरणबद्ध दृष्टिकोण से बाज़ार की मांग के अनुरूप क्षमता वृद्धि के साथ-साथ क्षेत्र में रोज़गार और सहायक अवसरों का क्रमिक विस्तार होने की उम्मीद है।
नारा लोकेश ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर अपनी पोस्ट में परियोजना की गति देखकर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि औद्योगिक प्रगति में इस छलांग को देखकर उत्साहित हूं। आंध्र प्रदेश निवेशकों युवाओं और रोज़गार के लिए लगातार परिणाम दे रहा है! एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजना आंध्र प्रदेश के शासन मॉडल, नीति-स्थिरता और निष्पादन क्षमता पर वैश्विक कंपनियों के भरोसे का मज़बूत प्रमाण है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने समय पर भूमि आवंटन, समन्वित मंज़ूरियों और निवेशक के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से परियोजना को सुविधाजनक बनाया है, ताकि प्रतिबद्धताएँ ज़मीन पर तेज़ी से दिखने वाले परिणामों में बदल सकें। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की यह सुविधा श्री सिटी के आसपास एक मज़बूत सप्लायर और वेंडर इकोसिस्टम के विकास को भी गति देगी।
इरादे से क्रियान्वयन तक रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ रहे प्रमुख वैश्विक निवेशों के साथ आंध्र प्रदेश गति, निश्चितता और रोज़गार व विकास पर स्पष्ट फोकस के बल पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए भारत के सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक के रूप में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ कर रहा है।