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स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और पोलैंड बन रहे भारत के प्रमुख निर्यात गंतव्य

भारत और यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते Free Trade Agreement पर बातचीत कर रहे हैं।

By राखी मल्लिक

Jan 11, 2026 17:27 IST

नई दिल्ली :स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और पोलैंड भारतीय वस्तुओं के लिए यूरोपीय संघ (EU) के 27 देशों में स्थिर और प्रमुख निर्यात गंतव्य बनते जा रहे हैं। यह जानकारी वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से मिली। आंकड़ों के अनुसार स्पेन भारतीय निर्यात के लिए उच्च-विकास वाला यूरोपीय बाजार बनकर उभरा है।

इस वित्तीय वर्ष के अप्रैल-नवंबर के दौरान स्पेन के लिए भारतीय निर्यात 56 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 4.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।

स्पेन का भारत के कुल निर्यात में हिस्सा 2.4 प्रतिशत तक बढ़ गया। इसमें 0.5 प्रतिशत अंक का उल्लेखनीय इज़ाफ़ा हुआ, जो यूरोपीय साझेदारों में सबसे अधिक है।

इसी तरह जर्मनी के लिए भारतीय निर्यात 9.3 प्रतिशत बढ़कर 6.8 बिलियन डॉलर से 7.5 बिलियन डॉलर हो गया। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने कहा कि जर्मनी का भारत के कुल निर्यात में हिस्सा 2.6 प्रतिशत है और 0.2 प्रतिशत अंक का सकारात्मक इज़ाफ़ा हुआ है। यह भारतीय वस्तुओं के लिए स्थिर मांग प्रदान करता रहता है।

बेल्जियम के लिए निर्यात अप्रैल-नवंबर 2025 से 26 में 4.2 बिलियन डॉलर से बढ़कर 4.4 बिलियन डॉलर हो गया। पोलैंड के लिए भारतीय निर्यात 7.6 प्रतिशत बढ़कर 1.69 बिलियन डॉलर से 1.82 बिलियन डॉलर हो गया।

अधिकारी ने कहा कि कुल मिलाकर ये रुझान भारत के यूरोपीय निर्यात रणनीति को दर्शाते हैं। स्पेन में तेज़ वृद्धि, जर्मनी में स्थिर विस्तार और बेल्जियम में मजबूती एक संतुलित निर्यात प्रोफ़ाइल को दिखाते हैं, जो पारंपरिक बाजारों से विविधता और परिपक्व अर्थव्यवस्थाओं में सुदृढ़ता दोनों को जोड़ती है।

भारत और यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते Free Trade Agreement पर बातचीत कर रहे हैं। इसके लागू होने पर दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में स्वस्थ वृद्धि की संभावना है। भले ही वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनिश्चित हों।

2024 से 25 में भारत और EU के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 136.53 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। निर्यात 75.85 बिलियन डॉलर और आयात 60.68 बिलियन डॉलर, जिससे EU भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया।

EU बाजार भारत के कुल निर्यात का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि EU का भारत में निर्यात उसके कुल विदेशी निर्यात का 9 प्रतिशत बनाता है। यदि समझौता सफल होता है तो भारतीय वस्तुएँ जैसे रेडी-मेड़ गारमेंट्स, दवाइयां, स्टील, पेट्रोलियम उत्पाद और इलेक्ट्रिकल मशीनरी यूरोप में और प्रतिस्पर्धी बन सकती हैं।

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