सिलहट : किसी प्रसिद्ध खिलाड़ी के बेटे या बेटी का खेल की दुनिया में आना नई बात नहीं है लेकिन पिता और बेटे का एक ही टीम में साथ खेलना वह भी शीर्ष स्तर की टी-20 लीग में बेहद दुर्लभ है। इस असाधारण उपलब्धि को मोहम्मद नबी और उनके बेटे हसन ने साकार कर दिखाया है। दोनों ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) में एक ऐतिहासिक मिसाल कायम की।
हसन ऐशाखिल ने अपने पिता के मार्गदर्शन में विदेशी फ्रेंचाइजी लीग में पदार्पण किया। यही नहीं पिता-पुत्र ने एक साथ बल्लेबाजी भी की। टीम ने हसन पर जो भरोसा जताया था उन्होंने उसे पूरी तरह सही साबित किया। 92 रनों की शानदार पारी खेलकर हसन ने अपनी टीम को जीत दिलाई।
दुनिया की किसी भी प्रमुख टी-20 लीग में पहली बार पिता और बेटे को एक साथ खेलते देखा गया। 20 वर्षीय हसन बांग्लादेश प्रीमियर लीग में नोआखाली एक्सप्रेस टीम की ओर से खेल रहे हैं। रविवार को सिलहट में ढाका कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबले में हसन का पदार्पण हुआ। इस मौके पर टीम की कैप उन्हें उनके पिता मोहम्मद नबी ने ही पहनाई।
इसके बाद हसन ने बल्ले से सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने पारी की शुरुआत करते हुए सौम्य सरकार के साथ 101 रनों की साझेदारी की। चौथे विकेट के लिए उन्होंने अपने पिता के साथ 53 रनों की अहम पार्टनरशिप निभाई। अंततः हसन 60 गेंदों पर 92 रन बनाकर आउट हुए। उनकी पारी में सात चौके और पांच छक्के शामिल थे।
हसन की बल्लेबाजी शैली में अपने पिता मोहम्मद नबी की झलक साफ दिखाई देती है। निचले हाथों से बल्ला पकड़ना, क्रीज पर शांत मुद्रा अपनाना और ड्राइव शॉट खेलना ये सभी गुण उनमें भी नजर आते हैं। पारी की शुरुआत वे स्क्वायर कट और फ्लिक शॉट से करते हैं। इसके अलावा नबी की तरह ताकतवर पुल शॉट खेलते हुए भी हसन को देखा गया है।
हालांकि मोहम्मद नबी पहले अपने बेटे के खिलाफ खेल चुके हैं लेकिन यह पहला मौका था जब दोनों ने एक ही टीम में साथ खेला। पिता-पुत्र की इस जोड़ी ने क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी है।