चण्डीगढ़: पंजाब के जालंधर बाइपास के पास बरामद ड्रम में बंद शव के रहस्य से जुड़े मामले में और भी चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। डॉक्टरों को संदेह है कि 35 वर्षीय दविंदर कुमार की हत्या से पहले उनके शरीर में किसी विशेष रासायनिक पदार्थ का इंजेक्शन दिया गया था। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में दविंदर के बाएं हाथ पर इंजेक्शन के निशान पाए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि पेशे से ग्राफिक डिजाइनर दविंदर कुमार बीते मंगलवार ही मुंबई से लुधियाना लौटे थे। लौटने के बाद वह अपने लंबे समय से चले आ रहे दोस्त शमशेर उर्फ शेरा से मिलने के लिए घर से निकले थे। इसके बाद से ही वह लापता हो गए थे। जांच में पता चला है कि पैसों के लेन-देन से जुड़े पुराने विवाद के कारण लकड़ी का काम करने वाले शमशेर ने दविंदर को अपने घर बुलाकर उसकी हत्या कर दी।
अभियुक्त शमशेर ने दविंदर के शरीर को टुकड़े-टुकड़े करने के लिए लकड़ी काटने की आरी का इस्तेमाल किया था। उन्होंने दविंदर के शव को कुल छह टुकड़ों में काटकर एक प्लास्टिक के ड्रम में भरकर जलंधर बाईपास के पास एक परित्यक्त जमीन में फेंक दिया था। पिछले गुरुवार को ड्रम से दुर्गंध फैलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। हालांकि अब तक दविंदर का दाहिना हाथ लापता है।
पुलिस ने पहले ही शमशेर और उनकी पत्नी कुलदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है (इस दौरान ऑनलाइन वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई) कि शमशेर और उनकी पत्नी बाइक पर एक सफेद ड्रम ले जा रहे हैं। पुलिस पूछताछ में शमशेर ने स्वीकार किया कि हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने में उनकी पत्नी ने उनकी मदद की थी। उन्होंने मृतक के कुछ हिस्सों को जलाने की भी कोशिश की थी। लुधियाना पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि हम लापता शरीर के अंगों को तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि किस प्रकार की नशीली दवा या इंजेक्शन का इस्तेमाल किया गया था।