नई दिल्ली: आप आने वाले महीनों में नया रूम एयर कंडीशनर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको पहले की तुलना में ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 से लागू होने वाले नए स्टार रेटिंग नियमों और कच्चे माल की लगातार बढ़ती लागत के कारण एयर कंडीशनरों की कीमतों में 7 से 8 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की संभावना है।
रिपोर्ट के अनुसार, नए नियम लागू होते ही उद्योग स्तर पर नए मॉडलों की कीमतें बढ़ाई जाएंगी। इसके अलावा, अप्रैल और मई 2026 के दौरान कीमतों में एक और दौर की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे पूरे एयर कंडीशनर उद्योग में कीमतों का नया स्तर तय होगा और कंपनियों को अपने मार्जिन सामान्य करने में मदद मिलेगी।
उपभोक्ताओं के नजरिए से इसका सीधा मतलब यह है कि 2026 में लॉन्च होने वाले नए एयर कंडीशनर मॉडल मौजूदा मॉडलों की तुलना में अधिक महंगे होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में इस बढ़ोतरी के संकेत पहले ही दिखने लगे हैं। दिसंबर महीने में चैनल फीडबैक से पता चला है कि डीलर और ग्राहक संभावित कीमत बढ़ोतरी और नए नियमों से पहले पुराने स्टार रेटिंग वाले मॉडल बड़ी संख्या में खरीदकर स्टॉक कर रहे हैं।
रिपोर्ट में भारतीय रूम एयर कंडीशनर उद्योग के पिछले दो वर्षों के प्रदर्शन पर भी रोशनी डाली गई है। वर्ष 2024 में इस उद्योग ने करीब 40 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की थी, लेकिन 2025 उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण साल रहा। प्रतिकूल मौसम, जीएसटी से जुड़े संक्रमण संबंधी व्यवधान, ऊंचा चैनल इन्वेंट्री स्तर और आक्रामक ग्राहक सहायता योजनाओं जैसे कारकों ने मांग में अस्थिरता पैदा की और पूरे साल उद्योग की लाभप्रदता पर दबाव डाला।
हालांकि आगे का परिदृश्य बेहतर बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के लिए उद्योग का आउटलुक सकारात्मक नजर आ रहा है और एयर कंडीशनर की बिक्री में 20 से 22 प्रतिशत तक वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद जताई गई है। इस संभावित रिकवरी को अनुकूल आधार, लंबित मांग, पुराने स्टार रेटेड मॉडलों की आक्रामक बिक्री रणनीति और सामान्य गर्मियों के मौसम की उम्मीदों से समर्थन मिलने की संभावना है।
कुल मिलाकर, रिपोर्ट का कहना है कि भले ही 2026 में रूम एयर कंडीशनरों की मांग मजबूत रहने की उम्मीद है, लेकिन नए स्टार रेटिंग नियमों के तहत बाजार में आने वाले नए मॉडल उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा महंगे साबित होंगे। ऐसे में जो ग्राहक जल्द एयर कंडीशनर खरीदने की योजना बना रहे हैं, वे कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को ध्यान में रखकर फैसला ले सकते हैं।