नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के तहत राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। इन नियमों का उद्देश्य देश में खेल संगठनों के कामकाज को पारदर्शी, समावेशी और व्यवस्थित बनाना है। यह जानकारी केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में दी गई।
इन नियमों में राष्ट्रीय खेल निकायों और क्षेत्रीय खेल महासंघों के लिए सामान्य निकाय और कार्यकारी समिति की संरचना, चुनाव प्रक्रिया, सदस्यों की अयोग्यता, तथा उत्कृष्ट योग्यता वाले खिलाड़ियों (स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ आउटस्टैंडिंग मेरिट – SOM) को शामिल करने का स्पष्ट ढांचा तय किया गया है। साथ ही राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल की व्यवस्था और राष्ट्रीय खेल बोर्ड के साथ संबद्ध इकाइयों के पंजीकरण व नियमित अद्यतन की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है।
नियमों के अनुसार प्रत्येक राष्ट्रीय खेल निकाय के सामान्य निकाय में कम से कम चार उत्कृष्ट खिलाड़ी शामिल किए जाएंगे। इनमें महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि इन चार खिलाड़ियों में 50 प्रतिशत महिलाएं हों। इसके अलावा, कार्यकारी समिति में कम से कम चार महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय खेल निकाय अपने उपनियमों के माध्यम से महिलाओं के लिए विशेष पद आरक्षित कर सकते हैं।
उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में नामांकन के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष तय की गई है। आवेदक को सक्रिय खेल से संन्यास ले चुका होना चाहिए और आवेदन से कम से कम एक वर्ष पहले तक किसी भी ऐसे प्रतिस्पर्धी खेल में भाग नहीं लिया होना चाहिए जिससे जिला, राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर चयन होता हो। नियमों में खेल उपलब्धियों के आधार पर 10 स्तरों की श्रेणी बनाई गई है जिसमें ओलंपिक, पैरालंपिक, विंटर ओलंपिक पदक विजेताओं से लेकर राष्ट्रीय खेल या राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पदक विजेता तक शामिल हैं।
कार्यकारी समिति के चुनाव की पूरी प्रक्रिया, समय-सीमा सहित, नियमों में विस्तार से दी गई है। साथ ही, अपराध में दोषी ठहराए गए और जेल की सजा पाए व्यक्तियों को चुनाव लड़ने या किसी समिति का सदस्य बनने से अयोग्य घोषित किया गया है।
राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल में हर समय कम से कम 20 योग्य सदस्य होना अनिवार्य होगा। चुनाव अधिकारी का शुल्क अधिकतम 5 लाख रुपये तय किया गया है। सभी राष्ट्रीय खेल निकायों को छह महीने के भीतर अपने उपनियमों में संशोधन करना होगा। विशेष परिस्थितियों में केंद्र सरकार 12 महीने तक नियमों में छूट दे सकती है। यह अधिसूचना देश में वैधानिक खेल प्रशासन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।