दीव (दमन एवं दीव): खेलो इंडिया बीच गेम्स (KIBG) 2026 ने दमन-दीव और दादरा एवं नगर हवेली जैसे तटीय और आदिवासी बहुल केंद्र शासित प्रदेशों में बीच सॉकर को नई दिशा दी है। अब यह खेल यहां के युवाओं के लिए न सिर्फ अपनी प्रतिभा दिखाने का माध्यम बन रहा है बल्कि आगे बढ़ने के नए अवसर भी खोल रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने खेलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। खेल अवसंरचना और जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण में लगातार निवेश किया गया है। खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 के निदेशक एवं संयुक्त सचिव (युवा कार्य एवं खेल) अरुण गुप्ता के अनुसार प्रदेश के तीनों जिलों में विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं ताकि बीच सॉकर जैसे खेलों को नियमित और संस्थागत सहयोग मिल सके।
डीएनएचडीडी बीच फुटबॉल टीम के कोच प्रीत भट्ट ने बताया कि पिछले तीन सालों में इस खेल के प्रति युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ा है। खेलो इंडिया जैसे राष्ट्रीय मंचों से स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तर पर खेलने का मौका मिला जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और खेल संस्कृति को मजबूती मिली।
खिलाड़ियों का चयन पहले जिला स्तर की ट्रायल से होता है। इसके बाद 20 से 22 खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण शिविर में बुलाया जाता है जिनमें से 12 से 15 खिलाड़ियों का अंतिम चयन किया जाता है। बड़े टूर्नामेंट से पहले नियमित अभ्यास और अभ्यास मैच भी कराए जाते हैं।
इस क्षेत्र की तटीय भौगोलिक स्थिति खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। रेत पर नियमित अभ्यास के कारण खिलाड़ी बीच सॉकर की चुनौतियों के लिए स्वाभाविक रूप से तैयार रहते हैं। स्कूल स्तर से लेकर सीनियर वर्ग तक कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं जिससे प्रतिभाओं की पहचान जल्दी हो रही है। बड़ी आदिवासी आबादी के कारण इन इलाकों के युवा भी संगठित खेलों से जुड़ रहे हैं।
खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 में डीएनएचडीडी पुरुष टीम ने हिमाचल प्रदेश को 15-1 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया जबकि महिला टीम ने भी कड़े मुकाबलों से अहम अनुभव हासिल किया। कुल मिलाकर, इन प्रयासों से दमन-दीव और दादरा-नगर हवेली में बीच सॉकर का भविष्य उज्ज्वल नजर आ रहा है।