नई दिल्ली: तमिलनाडु के करूर में हुई भगदड़ की घटना के लिए न तो वह खुद और न ही उनकी पार्टी जिम्मेदार है-सीबीआई की पूछताछ के दौरान सोमवार को अभिनेता एवं राजनेता विजय ने ऐसा दावा किया है।
गत 27 सितंबर को करूर में विजय की एक सभा के दौरान भगदड़ मचने से 41 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में कम से कम 60 लोग घायल हुए थे। तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके ने आरोप लगाया था कि सभा के आयोजन और भीड़ नियंत्रण में विजय की पार्टी टीवीके विफल रही। उन्हीं की लापरवाही के कारण इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। हालांकि विजय शुरू से ही अपनी पार्टी की जिम्मेदारी से इनकार करते रहे हैं। इस घटना की जांच अब सीबीआई के हाथ में है।
सोमवार सुबह विजय चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंचे। वहां सीबीआई कार्यालय में उनसे करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार जांचकर्ताओं ने उनसे सवाल किया कि बेकाबू भीड़ और धक्का-मुक्की देखने के बावजूद वह भाषण के तुरंत बाद सभा स्थल से क्यों निकल गए। इसके जवाब में विजय ने कथित तौर पर कहा कि भगदड़ की घटना में मेरा और टीवीके का कोई हाथ नहीं है। किसी बड़ी त्रासदी से बचने के लिए ही मैं सभा स्थल से निकल गया था। उल्लेखनीय है कि इस मामले में पहले तलब किए गए टीवीके के पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी यही दावा किया है।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक विजय को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है और उनके बयान का क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा। सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि विजय की पूछताछ अभी पूरी नहीं हुई है। सामने पोंगल त्योहार होने के कारण विजय ने पूछताछ से अस्थायी छूट मांगी थी। इसलिए मंगलवार को उन्हें तलब नहीं किया गया है। पोंगल के बाद उन्हें फिर से बुलाया जाएगा।
हालांकि जांच के दौरान तमिलनाडु पुलिस ने यह भी दावा किया था कि विजय के देर से सभा में पहुंचने और भीड़ नियंत्रण के लिए उचित व्यवस्था न होने के कारण ही भगदड़ की यह घटना हुई थी।