बांग्लादेश में एक बार फिर से पीटकर हिंदू युवक की हत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक का नाम समीर दास (28) है। रविवार की रात को चटगांव के दागनभुइंया में यह घटना घटी बतायी जाती है। घटना के बाद से बांग्लादेश में काफी तनाव फैल गया है। पुलिस घटना में घटना की छानबीन कर रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार की रात समीर ऑटो लेकर घर वापस लौट रहा था। आरोप है कि दागनभुइंया के बाजार के पास उसपर कुछ बदमाश टूट पड़े। शुरुआत में उसे बुरी तरह से पीटा गया और बाद में चाकू से गोद दिया गया। खून से लथपथ होकर समीर वहीं जमीन पर ढेर हो गया। बताया जाता है कि मौके पर ही उसकी मौत हो गयी। आरोप है कि हत्याकांड में शामिल बदमाश समीर का ऑटो लेकर भी फरार हो गए।
दागनभुइंया थाना के एक पुलिस अधिकारी का दावा है कि हत्या की पहले से ही योजना बना ली गयी थी। उनका कहना है, "समीर की हत्या देसी हथियार से पीटकर और गोदकर की गयी है। प्राथमिक तौर पर अनुमान लगाया जा रहा है कि पूर्व योजना के आधार पर ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। हत्या के आरोपी समीर का ऑटो लेकर भी भाग गए हैं। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने अभियान शुरू कर दिया है।"
गौरतलब है कि जुलाई के आंदोलन के बाद से ही बांग्लादेश के हालात काफी बिगड़ गए हैं। अल्पसंख्यकों पर लगातार हमलों के कई मामले अब तक सामने आ चुके हैं। हालांकि समीर हत्याकांड के साथ अल्पसंख्यकों पर हमलों का मामले का कोई संबंध है अथवा नहीं, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। हालांकि बांग्लादेश हिंदू बौधिक इसाई एकता परिषद ने देश भर में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों पर गहरी चिंता जताई है और दावा किया है कि फरवरी में होने वाले आम चुनावों से पहले धार्मिक हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं।
नई दिल्ली हालात पर नजर रख रही है। शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों, संस्थानों और व्यापारों पर चरमपंथियों के हमलों का एक चिंताजनक ट्रेंड देख रहे हैं। ऐसी धार्मिक घटनाओं से तेजी से और सख्ती से निपटने की जरूरत है।"