सागरद्वीपः गंगासागर के समुद्र तट पर तीन दिवसीय महा आरती के दूसरे दिन सोमवार की शाम भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ महा आरती की गई जहां राज्य के छह मंत्री, सांसद और दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के कई अधिकारी उपस्थित थे। इस चकाचौंध आयोजन का उद्घाटन कपिल मुनि बाबा के मंदिर के महंत ज्ञान दास ने किया। इस अवसर पर मंदिर के उत्तराधिकारी संजय दास ने गंगासागर के विकास, विस्तार ऐसी भव्यता के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आभार प्रकट किया और कहा कि आज गंगासागर में जो कुछ भी देखने को मिल रहा है, यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की देन है। बेहतर व्यवस्था के लिए उन्होंने जिला प्रशासन का भी आभार जताया। वहीं मंत्री मान रंजन भुइयां ने कहा कि केंद्र सरकार भले ही गंगासागर की मर्यादा नहीं रख रही है लेकिन ममता बनर्जी ने गंगासागर के लिए जो कुछ भी किया वह सराहनीय है। महा आरती में उपस्थित मंत्री अरुप विश्वास ने कहा कि आने वाले तीन सालों में सागर सेतू का निर्माण हो जाने के बाद गंगासागर की महत्व दुनियाभर में भड़ जाएगी। केंद्र सरकार से सहयोग की मांग पूरी जब नहीं हुई तो ममता बनर्जी ने खुद 1700 करोड़ रुपये की लागत से सागर सेतू का निर्माण करवा रही हैं। पांच जनवरी ममता बनर्जी ने खुद सेतू का शिलान्यास की। सेतू की लंबाई पांच किलोमीटर होगी। उसके बाद यह कहावत-सब तीर्थ बार-बार,गंगासागर एक बार, का कोई औचित्य नहीं रह जायेगा।
सोमवार की शाम गंगासागर मेले में तीर्थयात्रियों का सैलाब उमड़ा। कपिलमुनि बाबा का दर्शन करने के लिए लोगों को घंटे भर कतार में खड़ा रहना पड़ा हालांकि तीर्थयात्रियों का कहना है कि हर साल की तुलना में इस बार बेहतर व्यवस्थाएं देखी जा रही है। नामखाना 8 नंबर लॉट से लेकर कचूबेड़िया और सागर मेले तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस की सर्कियता देखी जा रही है।