सागरद्वीपः गंगासागर में शनिवार को इको फ्रेंड्ली मेले का उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर भव्य सांसकृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान मंत्री बंकिम चंद्र हाजरा, दक्षिण 24 परगना जिलाधिकारी अरविंद कुमार मीणा समेत स्थानीय सांसद व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। सफेद और नीले रंग के गुब्बारे उड़ाकर और मेले का फ्लैग लहराकर फ्रेंड्ली और सांसकृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इसी के साथ सुबह एनडीआरएफ, पर्यावरण, मेडिकल, दमकल और सुरक्षा कर्मियों का परेड हुआ। यह बता दें कि प्राचीन गंगासागर महातीर्थ पर प्राचीन काल से ही लोग आते रहे हैं। सुंदरवन से घिरे इस समुद्री द्वीप में तीर्थयात्रियों को कई खतरों का सामना करना पड़ता था। प्राचीन काल में मगरमच्छों, बाघों तथा अन्य अनेक भयानक जानवरों तथा विभिन्न रोगों के कारण तीर्थयात्रियों को बहुत कष्ट सहना पड़ता था। कई तीर्थयात्रियों की मृत्यु भी हो गई। तभी से यह 'सब तीर्थ बार-बार गंगासागर एक बार' वाली कहावत बन गई। इससे यह पता चलता है कि क्या लोग अपार कष्ट सहकर मोक्ष की आशा लेकर इस महातीर्थ पर आते थे। पश्चिम बंगाल सरकार और आज प्रशासन के सहयोग से यह यात्रा आसान हो गई है। फिर भी लोग इस प्राचीन लोक कथा को याद करते हैं।
लेकिन अब प्रशासन की व्यापक योजना और विकास के कारण यह तीर्थयात्रा और भी अधिक सुरक्षित हो गई है। लाखों लोग मेला मैदान में आते हैं और अपनी चिंताओं से छुटकारा पाने और निर्वाण प्राप्त करने के लिए पवित्र जल में डुबकी लगाते हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस बार गंगासागर मेले में लगभग एक करोड़ लोग पहुंचेंगे। इसी उम्मीद पर जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सुविधा के इंतजाम किए गए हैं।