नई दिल्ल : फिलहाल भारतीय फुटबॉल बेहद खराब दौर से गुजर रहा है। स्पॉन्सर और कमर्शियल पार्टनर न मिलने के बावजूद भारतीय फुटबॉल महासंघ ने इंडियन सुपर लीग की शुरुआत की तारीखों की घोषणा कर दी है। इस वजह से भारतीय फुटबॉल के भविष्य को लेकर अब भी असमंजस बना हुआ है।
इसके अलावा मोहनबागान और ईस्ट बंगाल के नाम सही ढंग से उच्चारण न कर पाने के कारण केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया पहले ही ट्रोल हो चुके हैं। अब एक बार फिर वह और एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे सुर्खियों में आ गए हैं। दोनों आगामी फीफा विश्व कप की ट्रॉफी टूर में शामिल हुए। यह बात भारतीय फुटबॉल प्रेमियों को रास नहीं आई।
फीफा विश्व कप शुरू होने में अभी करीब छह महीने बाकी हैं। उससे पहले परंपरा के अनुसार असली विश्व कप ट्रॉफी को दुनिया के अलग-अलग देशों में ले जाया जाता है। इस बार उस सूची में भारत भी शामिल है। इसी कारण तीन दिनों के लिए विश्व कप ट्रॉफी भारत दौरे पर लाई गई है। करीब 12 साल बाद यह ट्रॉफी फिर से भारत लाई गई है।
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में औपचारिक रूप से ट्रॉफी का अनावरण किया गया। इस मौके पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे और ब्राजील के पूर्व विश्व कप विजेता फुटबॉलर गिलबर्टो सिल्वा मौजूद थे।
लेकिन भारतीय फुटबॉल की मौजूदा दुर्दशा के बीच विश्व कप ट्रॉफी को लेकर इस तरह के जश्न का माहौल फुटबॉल प्रेमियों के एक वर्ग को पसंद नहीं आया। सोशल मीडिया पर उन्होंने इस पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। कई लोगों ने सवाल उठाया कि अपने देश के फुटबॉल के विकास पर ध्यान देने के बजाय दूसरे देशों के आयोजन पर इतना उत्साह क्यों दिखाया जा रहा है।
एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए लिखा है कि राष्ट्रीय फुटबॉल लीग शुरू तक नहीं कर पा रहे हैं लेकिन दिखावे के लिए ऐसे कार्यक्रम कर रहे हैं। एआईएफएफ का पुनर्गठन होना चाहिए। योग्य लोगों को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए ताकि भारतीय फुटबॉल सही दिशा में लौट सके।
गौरतलब है कि यह ट्रॉफी दो दिनों तक दिल्ली में रहेगी इसके बाद इसे एक दिन के लिए असम ले जाया जाएगा।