कोलकाताः एक बार फिर फुटबॉल के महान खिलाड़ी लोथार मैथाउस के कदम कोलकाता में पड़ने वाले हैं। 1990 फुटबॉल विश्व कप में जर्मनी को खिताब दिलाने वाले कप्तान मैथाउस बंगाल सुपर लीग के ब्रांड एंबेसडर हैं। लीग शुरू होने से पहले वह कोलकाता आए थे और टूर्नामेंट का उद्घाटन किया था। इस बार वह नॉकआउट चरण के दौरान शहर आ रहे हैं। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के दिन मैथाउस कोलकाता पहुंचेंगे।
पहले तय किया गया था कि लीग का नॉकआउट चरण कल्याणी में आयोजित होगा लेकिन दर्शकों और समर्थकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब मैदान में भी नॉकआउट मैच कराए जाने की संभावना है। आयोजक फिलहाल ईस्ट बंगाल मैदान को लेकर ही विचार कर रहे हैं। वहीं एक-दो दिनों तक इस महान डिफेंडर लोथार मैथाउस को देखा जा सकता है।
जैसे-जैसे लीग आगे बढ़ रही है मुकाबले और भी कांटे के होते जा रहे हैं। आज बुधवार को सिलिगुड़ी के कंचनजंघा स्टेडियम में एक और फ्लडलाइट मैच खेला जाएगा। नॉर्थ बंगाल यूनाइटेड एफसी का सामना रॉयल सिटी एफसी मालदा–मुर्शिदाबाद से होगा। अगर इस मैच में नॉर्थ बंगाल जीत दर्ज नहीं कर पाती है तो विश्वजीत भट्टाचार्य की टीम लीग की दौड़ से लगभग बाहर हो जाएगी। इसी वजह से टीम पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने को तैयार है।
मंगलवार को होजे रामिरेज बैरेटो की टीम हावड़ा–हुगली एफसी ने एफसी मेदिनीपुर को 5–0 से करारी शिकस्त दी। मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी कौस्तव दत्त रहे जिन्होंने दो गोल किए। इसके अलावा पाउलो सीजर, आजहरुद्दीन मलिक और शुभ्रदीप राय ने भी गोल दागे। इस जीत के बाद हावड़ा–हुगली एफसी सात मैचों में 13 अंकों के साथ लीग तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। वहीं मेदिनीपुर के केवल 8 अंक हैं और उनके लिए शीर्ष चार में जगह बनाकर नॉकआउट में पहुंचना अब काफी मुश्किल नजर आ रहा है।