अफ्रीका कप ऑफ नेशंस में गैबोन टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। उन्होंने तीन मैच खेले और हर मैच में हार का सामना किया, जिससे टूर्नामेंट से बाहर हो गए। इस प्रदर्शन को गैबोन सरकार बर्दाश्त नहीं कर सकी। गुस्से में आकर उन्होंने जो कदम उठाया वह पहले कभी नहीं देखा गया। पूरे दल को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया गया।
अफ्रीका कप ऑफ नेशंस में गैबोन ने पहले कैमरून के खिलाफ 1-0 से हार का सामना किया। इसके बाद उन्होंने मोज़ाम्बिक से 3-2 से हारे। अंत में आइवरी कोस्ट के खिलाफ भी 3-2 से पराजित हुए। अफ्रीका कप ऑफ नेशंस से पहले गैबोन ने क्वालीफाईंग चरण में छह में से छह मैच जीते थे लेकिन टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन खराब रहा और इसी कारण गैबोन सरकार नाराज हो गई।
टीम के बाहर होने के तुरंत बाद, गैबोन के खेल मंत्री सिम्प्लिस देज़िरे मामबुला ने पूरे दल को निलंबित घोषित किया। इसके अलावा उन्होंने कोचिंग स्टाफ को भी हटा दिया। टीम के दो वरिष्ठ खिलाड़ी पियरे-एमरिक ऑबामेयांग और ब्रुनो एकुएले मंगाका को भी प्रतिबंधित किया गया। हालांकि इस कदम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गैबोन के खेल मंत्री ने टीवी पर वीडियो के जरिए टीम के खिलाफ यह कार्रवाई घोषित की थी, जिसे बाद में हटा दिया गया और थोड़ी देर बाद फिर से दिखाया गया।
गैबोन सरकार ने जो कदम उठाया है, वह टीम के लिए अच्छा होगा या नहीं, यह समय बताएगा लेकिन फीफा की सजा का खतरा भी बना हुआ है। फीफा के नियमों के अनुसार, किसी सदस्य देश की टीम में राजनीतिक या सरकारी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाता। अगर ऐसा होता है तो उस टीम को निलंबित किया जा सकता है। इस मामले में सीधे गैबोन सरकार के हस्तक्षेप के कारण फीफा कड़ी कार्रवाई कर सकता है।